रिहाई से पहले ही नई गिरफ्तारी की तैयारी, अमृतपाल सिंह के लिए डिब्रूगढ़ पहुंची पंजाब पुलिस
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राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत हिरासत समाप्त होने के बाद ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह को औपचारिक रूप से फिर से गिरफ्तार करने के लिए पंजाब पुलिस की एक टीम असम के डिब्रूगढ़ पहुंच गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से असम की डिब्रूगढ़ केंद्रीय जेल में बंद खडूर साहिब के सांसद को गुरुवार को पंजाब पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद इसी जेल में बंद रखा जाएगा।
पुलिस उपाधीक्षक रैंक के एक अधिकारी के नेतृत्व में अमृतसर (ग्रामीण) से पंजाब पुलिस की एक टीम फरवरी 2023 के अजनाला थाना हमला मामले में गिरफ्तारी को अंजाम देने के लिए 19 अप्रैल से डिब्रूगढ़ में डेरा डाले हुए है। अमृतपाल को अजनाला थाना हमला मामले में घटना के लगभग दो महीने बाद 23 अप्रैल, 2023 को पहली बार पंजाब के मोगा जिले से हिरासत में लिया गया था।
संबंधित थाना हमला मामले के अनुसार, अमृतपाल और उनके सशस्त्र समर्थक कथित तौर पर अवरोधक तोड़कर अमृतसर के बाहरी इलाके में स्थित अजनाला थाने में घुस गए और अपने एक सहयोगी की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों से भिड़ गए। अमृतपाल को तब से रासुका के तहत उच्च सुरक्षा वाली डिब्रूगढ़ केंद्रीय जेल में रखा गया है और पंजाब सरकार ने उन्हें असम में रखने के औचित्य के रूप में गंभीर कानून व्यवस्था संबंधी चिंताओं का हवाला दिया है।
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने पिछले सप्ताह राज्य सरकार के उस अनुरोध को स्वीकार कर लिया, जिसमें अमृतपाल को रासुका हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद अजनाला मामले में औपचारिक रूप से गिरफ्तार करने और उसके बाद उन्हें डिब्रूगढ़ जेल में ही रखने की बात कही गई थी। अदालत ने पुलिस और न्यायिक हिरासत सहित सुनवाई से संबंधित सभी कार्यवाही वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संचालित करने की अनुमति दी, जिससे अमृतपाल को अमृतसर लाए बिना अपना बचाव करने में मदद मिलेगी।
मामले को देख रहे एक अधिकारी ने कहा, ‘‘औपचारिक गिरफ्तारी के बाद अमृतपाल सिंह को डिब्रूगढ़ जेल में ही रखा जाएगा। उनकी गिरफ्तारी से अजनाला थाना हमला मामले में मुकदमे की सुनवाई शुरू होने का रास्ता साफ हो जाएगा, जिसमें वह मुख्य आरोपी हैं।
