प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून में 210 किमी लंबे दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन करते हुए इसे एक ऐतिहासिक परियोजना बताया, जो उत्तराखंड और उत्तर भारत के आसपास के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी, पर्यटन और आर्थिक विकास को बड़ा बढ़ावा देगी।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने बैसाखी, बोहाग बिहू और पुथांदु की शुभकामनाएं देते हुए देवभूमि को नमन किया। उन्होंने कहा कि यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ को शामिल करने वाली चारधाम यात्रा करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत आध्यात्मिक महत्व रखती है।
प्रधानमंत्री ने इस परियोजना के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह एक्सप्रेसवे दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय को काफी कम करेगा, लॉजिस्टिक्स लागत घटाएगा और हरिद्वार, ऋषिकेश व मसूरी जैसे प्रमुख शहरों की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा। करीब ₹12,000 करोड़ की लागत से बनी इस कॉरिडोर परियोजना ने पहले ही हजारों लोगों को रोजगार दिया है और यह उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड में व्यापार, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और उद्योग के नए अवसर खोलेगी।
सतत विकास पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने लगभग 12 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर के निर्माण का भी उल्लेख किया, जिससे हाथियों सहित वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके और उनके प्राकृतिक आवास को कोई नुकसान न पहुंचे। उन्होंने नागरिकों और पर्यटकों से इस पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने और प्लास्टिक कचरे से बचने की अपील भी की।