Chandigarh News: पीजीआई में आने वाले मरीजों को अब हिंदी भाषा में मिलेगी दवा की पर्चियां

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चंडीगढ़। पीजीआई में रोजाना पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों के हजारों मरीज इलाज कराने के लिए पहुंचते हैं। इनमें से अधिकांश मरीज ग्रामीण एरिया से आते हैं। जब उन्हें स्लिप पर कुछ लिखकर दिया जाता है तो कम पढ़े-लिखे होने के कारण उन्हें अस्पताल की प्रक्रियाओं को समझने में समस्या आती है। ऐसे मरीजों की सहायता के लिए पीजीआई ने कदम उठाया है। अब मरीजों को दवा या उपकरण लेने के बारे में हिंदी में लिखकर दिया जाएगा। पीजीआई निदेशक डॉ. विवेक लाल ने बताया कि उनकी ओर से सभी विभाग प्रमुखों से अपील की है कि मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ओपीडी, आईपीडी, पर्चियां, कार्ड आदि हिंदी में लिखे जाएं और मरीजों को हिंदी में ही दिशा-निर्देश दिए जाए। उनका मानना है कि यह प्रयास देशभर के अन्य मेडिकल संस्थानों में एक मिसाल बनेगा। इससे अस्पतालों में पारदर्शिता के साथ कामकाज की गति में भी सुधार होगा, जिससे आम जनता को भी सीधा लाभ मिलेगा।

इससे हिंदी भाषा को प्राथमिकता मिलने के साथ मरीजों की सहायता भी होगी। पीजीआई प्रशासन का मानना है कि हिंदी भाषा हमारे देश की सबसे आसानी से समझी जाने वाली भाषा है। इससे मरीजों को जरूरी जानकारी सरल तरीके से समझने में मदद मिलेगी। इसी को ध्यान में रखते हुए, अस्पताल में दिशा-निर्देश, विभागों के नाम, फॉर्म और अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं हिंदी में उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। सभी कार्यालयों के कंप्यूटरों में हिंदी फॉन्ट इंस्टॉल किया जा रहा है।

कर्मचारियों को दिया जा रहा हिंदी टाइपिंग का प्रशिक्षण
अब हर काम के लिए हिंदी भाषा को अहमियत दी जाएगी। इसके लिए कर्मचारियों को हिंदी टाइपिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सरकारी दस्तावेजों और लेटरों को हिंदी में दर्ज करने के लिए अलग रजिस्टर बनाया जाएगा। छुट्टी के आवेदन और कार्यों में हिंदी-अंग्रेजी दोनों भाषाओं का उपयोग होगा। कर्मचारियों के लिए हिंदी प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इतना ही नहीं, अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने हस्ताक्षर हिंदी में करने के लिए प्रेरित भी किया जाएगा।

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