चंडीगढ़: हर बुधवार ‘नो फ्यूल डे’ का संकल्प निभा रहे राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया, इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट से पहुंचे सचिवालय

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पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल के तहत पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक Gulab Chand Kataria ने बुधवार को एक बार फिर ‘नो फ्यूल डे’ का संकल्प निभाया। हर सप्ताह की तरह इस बुधवार भी उन्होंने पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों के बजाय इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट का उपयोग करते हुए लोक भवन से यूटी सिविल सचिवालय, चंडीगढ़ तक की यात्रा की और वहां आयोजित जनसभा में भाग लिया।
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया द्वारा शुरू की गई यह पहल केवल एक प्रतीकात्मक कदम नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का स्पष्ट संदेश भी है। लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण, ईंधन की खपत और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों के बीच ‘नो फ्यूल डे’ का यह अभियान लोगों को वैकल्पिक एवं स्वच्छ परिवहन साधनों को अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है।

राज्यपाल का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी नीतियों से ही संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी दैनिक जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव लाने होंगे। इसी सोच के साथ वे प्रत्येक बुधवार को ईंधन आधारित वाहन का उपयोग नहीं करते और इलेक्ट्रिक वाहन से अपने कार्यक्रमों में पहुंचते हैं। उनकी यह पहल प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों के लिए भी एक उदाहरण बन रही है।
बुधवार को लोक भवन से सचिवालय तक इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट से यात्रा के दौरान लोगों ने राज्यपाल की इस पहल की सराहना की। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यदि अधिक से अधिक लोग छोटी दूरी के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों, साइकिलों या सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें तो शहर में प्रदूषण के स्तर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

चंडीगढ़ प्रशासन भी शहर को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने, हरित क्षेत्रों के विस्तार, ऊर्जा संरक्षण तथा सतत विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। राज्यपाल की ‘नो फ्यूल डे’ पहल इन प्रयासों को और अधिक मजबूती प्रदान कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े वरिष्ठ पदों पर बैठे व्यक्तियों द्वारा इस प्रकार के कदम उठाने से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और लोग पर्यावरण संरक्षण के प्रति अधिक जागरूक होते हैं। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया की यह पहल भी नागरिकों को स्वच्छ ऊर्जा और हरित परिवहन अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है।

चंडीगढ़ को देश के सबसे स्वच्छ और हरित शहरों में शामिल करने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अभियानों के बीच ‘नो फ्यूल डे’ का यह संकल्प पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय प्रयास माना जा रहा है।

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