अपने ही देश में रहकर की दुश्मन की मदद, ईरान में 3,000 से ज़्यादा लोग गिरफ्तार

0

ईरान  और अमेरिका  के बीच शांति समझौता (Iran-US Peace Deal) होने से युद्ध का स्थायी अंत हो गया है। दोनों देशों के बीच आगे की बातचीत भी शुरू हो गई है। इस युद्ध में ईरान ने काफी नुकसान झेला है, जो सिर्फ अमेरिका और इज़रायल (Israel) के हमलों की वजह से नहीं, बल्कि देश में ही रह रहे गद्दारों की वजह से भी हुआ है। हम बात कर रहे हैं जासूसों की, जिनके खिलाफ ईरान की कार्रवाई जारी है।

ईरान की न्यायपालिका ने सोमवार को जानकारी दी कि पिछले कुछ महीनों में दुश्मन की मदद करने के आरोप में 3,000 से ज़्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ईरान की न्यायपालिका के प्रवक्ता असगर जहांगीर ने बताया कि देश में पिछले कुछ महीनों में 3,292 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से 684 लोगों ने इज़रायल की मदद करते हुए युद्ध में ऑपरेशनल गतिविधियों को अंजाम दिया था। इसके अलावा 1,258 लोगों पर सरकार के खिलाफ राजनीतिक प्रचार करने का आरोप है और गिरफ्तार किए गए लोगों में से 1,061 के ख़िलाफ अब तक आरोप तय किए जा चुके हैं।

गिरफ्तार किए गए कई लोग इज़रायल की खुफिया एजेंसी मोसाद (Mossad) के संपर्क में थे और ईरान की खुफिया जानकारी लीक कर रहे थे, जिससे ईरान को काफी नुकसान हो रहा था। इसके अलावा कई जासूस ग्राउंड लेवल पर भी ईरान के दुश्मनों की मदद कर रहे थे, जिसका खामियाजा युद्ध के मैदान में ईरान को भुगतना पड़ रहा था।

हाल ही में आईजानकारी के अनुसार पिछले कुछ महीनों में हुई गिरफ्तारियों के साथ ही मुकदमों और संपत्ति जब्त करने के मामले भी देखने को मिले हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पिछले हफ्ते न्यायपालिका ने जानकारी दी कि इस्फहान प्रांत में 100 गद्दारों की संपत्तियाँ कब्ज़े में ली गई है।

ईरान में रहते हुए दुश्मनों की मदद करते हुए देश के साथ गद्दारी करने वालों को सख्त सज़ा मिल सकती है। गंभीर अपराध को अंजाम देने वालों को मौत की सज़ा भी भुगतनी पड़ सकती है।

RAGA NEWS ZONE Join Channel Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *