हथिनी कुंड बैराज पर स्पेशल फोर्स की ट्रेनिंग के दौरान हादसा, यमुना में बहे जवान, 3 रेस्क्यू, 2 लापता
यमुनानगर: हथिनी कुंड बैराज पर स्पेशल फोर्स के जवानों की ट्रेनिंग के दौरान मंगलवार शाम बड़ा हादसा हो गया। हेलिकॉप्टर से यमुना में उतरने के बाद जवान जिस मोटर बोट में सवार थे, वह अचानक बंद हो गई। तेज बहाव के कारण बोट बहने लगी और जवान पानी में गिर गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक तीन जवानों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि दो जवान अब भी लापता हैं। लापता जवानों की तलाश में सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
जानकारी के मुताबिक स्पेशल फोर्स की यह ट्रेनिंग 30 अगस्त से चल रही थी और मंगलवार को इसका अंतिम दिन था। मंगलवार शाम करीब पांच बजे यमुना की अपस्ट्रीम में अभ्यास कराया जा रहा था। इस दौरान जवान हेलिकॉप्टर से एक-एक कर यमुना में खड़ी मोटर बोट में उतर रहे थे। जवानों के बोट में पहुंचने के बाद मोटर बोट अचानक स्टार्ट नहीं हो सकी। इसी दौरान तेज बहाव के कारण बोट बहने लगी और जवान यमुना में गिर गए।
हादसे के बाद तीन जवानों ने पश्चिमी यमुना नहर की दिशा में तैरकर बाहर निकलने की कोशिश की। उस समय नहर में करीब 14,500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। तेज बहाव के बावजूद तीनों जवान करीब 600 मीटर तक तैरकर नहर के खुले गेट से बाहर निकलने में कामयाब रहे। वहीं, दो जवानों का अभी तक पता नहीं चल सका है।
दो जवानों के लापता होने के बाद सेना ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कर्नल योगेंद्र के नेतृत्व में सेना की टीम नदी और नहर के संभावित हिस्सों में सर्च ऑपरेशन चला रही है। सेना के जवान रस्सियों और अन्य रेस्क्यू उपकरणों की मदद से लापता जवानों की तलाश में जुटे हैं।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। हरियाणा पुलिस के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस, SDRF और UP SDRF की टीमें रेस्क्यू अभियान में सहयोग कर रही हैं। एडीसी नवीन आहूजा ने फोन पर हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि डीएसपी रजत गुलिया, एसडीएम समेत स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि सेना के रेस्क्यू ऑपरेशन में प्रशासन की ओर से पूरा सहयोग किया जा रहा है।
रेस्क्यू ऑपरेशन को देखते हुए पश्चिमी यमुना नहर में पानी का बहाव नियंत्रित करने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों से भी संपर्क किया गया है। हादसे वाली जगह कलेसर से नीचे और हथिनी कुंड बैराज से कुछ पहले बताई जा रही है। तेज बहाव और भौगोलिक परिस्थितियों के कारण रेस्क्यू टीमों को काफी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
