जेपी नड्डा से मिले CJP के प्रवक्ता, प्रदर्शन के बीच सरकार से हुई बातचीत

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 सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र शुरू होते ही विपक्ष ने नीट पेपर लीक, राम मंदिर में चढ़ावा चोरी सहित इथेनॉल मुद्दे को लेकर जमकर हंगामा किया. विपक्ष के भारी हंगामे के बीच राज्यसभा और लोकसभा दोनों को तीन बार स्थगित करना पड़ा है. लोकसभा को दोपहर एक बजे तक के लिए स्थगित किया गया है. वहीं, राज्यसभा को 12:50 बजे तक के लिए स्थगित किया गया है.  इसके पहले सदन के बाहर पीएम मोदी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि पार्लियामेंट सेशन में प्रोडक्टिव चर्चा होगी. उन्होंने कहा, ‘इस सेशन में ऐसी प्रोडक्टिव चर्चा हो जो भारत की डेवलपमेंट जर्नी को मजबूत करे.’ पीएम मोदी ने कहा, ‘चाहे मानसून हो या मानसून सेशन- अगर दोनों प्रोएक्टिव हैं, तो वे बहुत प्रोडक्टिव साबित होते हैं और जब दोनों प्रोडक्टिव होते हैं, तो इससे देश की भलाई और सभी जीवों की भलाई होती है.’

इसके पहले रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों ने साफ संकेत दिए कि सत्र के दौरान वे कई अहम मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति के साथ उतरेंगे. दूसरी ओर, केंद्र सरकार ने भी अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की तैयारी पूरी कर ली है. बैठक के दौरान विपक्षी दलों ने श्रीराम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी, एथनॉल नीति, नीट पेपर लीक और अन्य जनहित के मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा कराने की मांग रखी. विपक्ष का कहना था कि इन विषयों पर सरकार को सदन में जवाब देना चाहिए.

इसके अलावा, परिसीमन की प्रक्रिया और महिला आरक्षण कानून के लागू होने की समय-सीमा को लेकर भी विपक्ष ने सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा. हालांकि, सरकार की ओर से इन दोनों विषयों पर कोई ठोस संकेत नहीं दिया गया. सरकार की कोशिश रहेगी कि मानसून सत्र के दौरान लंबित विधेयकों और अन्य विधायी कार्यों को समय पर पूरा किया जाए. संसदीय कार्य मंत्रालय पहले ही संकेत दे चुका है कि सरकार इस सत्र को उत्पादक बनाने पर जोर देगी, लेकिन विपक्ष के आक्रामक रुख को देखते हुए सदन की कार्यवाही प्रभावित होने की संभावना भी बनी हुई है.

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