चंडीगढ़ पुलिस का बड़ा एक्शन: इंटरनेशनल गैंग से जुड़े 5 आरोपी गिरफ्तार
चंडीगढ़ पुलिस के ऑपरेशन सेल ने ऑपरेशन क्लीन स्वीप के तहत एक बड़े आपराधिक नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े नेटवर्क के 5 खतरनाक अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से कुल 5 अवैध हथियार जिनमें 4 सेमी ऑटोमैटिक और एक देसी कट्टा शामिल है और 9 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। डीआईजी राजीव रंजन सिंह और एसपी ऑपरेशंस गीतांजलि खंडेलवाल के दिशा निर्देशों में डीएसपी विकास श्योकंद और इंस्पेक्टर सतविंदर की टीम ने यह कामयाबी हासिल की।
पुलिस ने सबसे पहले 18 अप्रैल 2026 को मलोया निवासी संजू कांचा को एक सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल और एक कारतूस के साथ जीरी मंडी मोड़ के पास से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह अनस राईन से हथियार लेता था। इसके बाद पुलिस ने मुख्य सप्लायर अनस राईन को 20 अप्रैल को अंबाला जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लिया।
अनस को पहले अंबाला में करीब 2 किलो संदिग्ध आरडीएक्स और आईईडी घटकों के साथ पकड़ा गया था, जिससे एक संभावित आतंकी साजिश नाकाम हुई थी। पूछताछ में सामने आया कि अनस इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के संपर्क में था। वह बलवंत के जरिए ट्राई सिटी में हथियार बेचता था। अनस की निशानदेही पर एक सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल और 4 जिंदा कारतूस बरामद हुए।
1 मई 2026 को पुलिस ने जब बलवंत को पकड़ने की कोशिश की, तो उसने सेक्टर 45 के पास पुलिस की गाड़ी को टक्कर मारने का प्रयास किया। भागते समय टखने में मोच आने के कारण वह सेक्टर 63 के पास गिर गया और पकड़ा गया। उसके पास से एक सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, दो कारतूस और एक फोर्ड फिगो कार मिली। बलवंत ने पुलिस को बताया कि वह अनस से हथियार खरीदकर रंजीत और सुभाष को ट्राई सिटी क्षेत्र में बेचता था।
बलवंत के खुलासे के बाद 2 मई 2026 को रंजीत को एक देसी कट्टे के साथ गिरफ्तार किया गया। रंजीत सेक्टर 34 थाने में दर्ज हत्या के प्रयास के एक मामले में भी वांछित था। वहीं, 4 मई 2026 को लगातार छापेमारी के बाद सुभाष को एक सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल व दो कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया। सुभाष काली शूटर का करीबी और उसका फुट सोल्जर है। डीजीपी डॉ सागर प्रीत हुड्डा के निर्देशानुसार पुलिस अवैध हथियारों और संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है।
