चंडीगढ़ कोर्ट में पिस्तौल लेकर पहुंची महिला; स्कैनिंग मशीन का अलार्म बजा, सुरक्षाकर्मियों में मची भगदड़
चंडीगढ़। सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत में शनिवार को एक महिला पिस्तौल लेकर पहुंची। एंट्री गेट पर स्कैनिंग मशीन का रेड अलार्म बजते ही सुरक्षाकर्मियों में भगदड़ मच गई और महिला पकड़ी गई। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर पिस्तौल को कब्जे में ले लिया है।
जानकारी के अनुसार, खरड़ की रहने वाली लवप्रीत अपने दोस्त मोहाली निवासी बलकरण के साथ केस के सिलसिले में जिला अदालत में आई थी। दोनों ने अपनी गाड़ी बाहर पार्क की और पैदल अदालत परिसर में प्रवेश करने लगे। महिला ने स्कैनिंग मशीन पर अपना पर्स जांच के लिए रखा तो रेड अलर्ट अलार्म बजने लगा।
अलार्म बजते ही वहां तैनात पुलिसकर्मी सतर्क हो गए। पर्स की जांच करने पर पिस्तौल बरामद हुई। पुलिसकर्मी घबरा गए और तुरंत पर्स और पिस्तौल को कब्जे में लेकर महिला और उसके दोस्त को हिरासत में ले लिया। सूचना मिलते ही डीएसपी धीरज कुमार मौके पर पहुंचे।
बलकरण ने बताया कि पिस्तौल उसकी है, जिसका लाइसेंस भी है। पिस्तौल गाड़ी में रखनी थी, लेकिन गलती से महिला के पर्स में रह गई वहीं, महिला ने कहा कि उसे यह जानकारी नहीं थी कि उसके पर्स में पिस्तौल है। पुलिस को दोनों के बयानों पर शक हुआ, क्योंकि पिस्तौल मालिक के पास न होकर दूसरे के पास कैसे पहुंची।
जिला अदालत में पहले भी गोलियां चल चुकी हैं। 3 अगस्त 2024 को पंजाब पुलिस के निलंबित एआईजी मलविंदर सिंह सिद्धू ने चंडीगढ़ जिला अदालत में अपने दामाद आईएएस हरप्रीत सिंह को चार गोलियां मारी थी। अस्पताल ले जाते समय हरप्रीत की मौत हो गई थी।
हरप्रीत का काफी समय से पत्नी के साथ विवाद चल रहा था। तलाक से पहले समझौते का मामला चंडीगढ़ कोर्ट के मध्यस्थता केंद्र में चल रहा था। हरप्रीत की पत्नी विदेश में होने की वजह से उसकी जगह उनके पिता मलविंदर सिंह सिद्धू सुनवाई के लिए पहुंचे थे। शनिवार को उनके मामले की तीसरी सुनवाई थी।
