दिल्ली शराब घोटाले में बरी होने के बाद रोने लगे अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया, सामने आया पहला रिएक्शन
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल कथित दिल्ली शराब घोटाले में बरी हो गए हैं। केजरीवाल के साथ पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को भी राउज एवन्यू कोर्ट ने बरी कर दिया। मीडिया से बात करते हुए अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया रोने लगे। कोर्ट का फैसला सुनते ही कोर्ट रुम में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया अपने वकील हरिहरन के गले लगे।
केजरीवाल ने कहा कि सत्य की जीत होती है। भारतीय न्याय प्रणाली पर भरोसा है। सत्य की जीत हुई है। भगवान हमारे साथ है। आम आदमी पार्टी को खत्म करने के लिए सबसे बड़े 5 नेताओं को जेल में डाल दिया गया। सीटिंग सीएम को घर से घसीटकर जेल में डाल दिया गया। मौजूदा उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को 2 साल तक जेल में डाल दिया।
पूर्व सीएम केजरीवाल ने कहा कि कोर्ट के फैसले से स्पष्ट हो गया है कि केजरीवाल भ्रष्ट नहीं है। मैंने सिर्फ ईमानदारी कमाई है और आज ये साबित हो गया। केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार हैं। बीजेपी और केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए केजरीवाल ने कहा कि सत्ता के लिए अच्छे काम कीजिए। देश के सामने बड़ी-बड़ी समस्याएं हैं, उनका समाधान करके सत्ता में आइए। झूठे केस नहीं कीजिए। इससे देश आगे नहीं बढ़ेगा।
वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) के नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री को एक्साइज पॉलिसी केस में सभी आरोपों से बरी किए जाने के बाद सच की हमेशा जीत होती है। सुनीता ने एक्स हैंडल पर लिखा, “इस दुनिया में, कोई कितना भी ताकतवर क्यों न हो जाए, शिव शक्ति से ऊपर नहीं उठ सकता। सच की हमेशा जीत होती है।”
कोर्ट ने आरोपों से बरी करते हुए सीबीआई को कड़ा फटकार लगाई। कोर्ट ने आदेश सुनाया कि आबकारी नीति में कोई व्यापक साजिश या आपराधिक इरादा नहीं था। कोर्ट ने कहा कि मेरे मन में ये भी चिंता थी कि साउथ ग्रुप जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया। ये सही नहीं है। अगर CBI यही चार्जशीट चेन्नई में फाइल करती तो क्या साउथ ग्रुप लिखती? किसने ये शब्द बनाया? इस पर CBI ने कहा ये कई आरोपियों के लिए साझा शब्द था। इस पर जज ने कहा कि अमेरिका में एक केस इसलिए खारिज कर दिया गया कि क्योंकि डोमिनिक समूह के लिए शब्द का इस्तेमाल किया गया था। मेरा मानना है कि साउथ ग्रुप जैसे शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए था। जज ने कहा कि सीबीआई ने जो दस्तावेज दिए वो चार्जशीट से मेल नहीं खाते हैं।
