शिमला में जांगलिख पुल के पास भीषण लैंडस्लाइड, पहाड़ खिसकने से सड़क पूरी तरह बंद; VIDEO आया सामने
जांगलिख पुल के पास पहाड़ी दरकने से सड़क पूरी तरह बंद हो गई। पहाड़ से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर सड़क पर आने के कारण दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। मौके पर नुकसान की भी सूचना है। बताया जा रहा है कि जांगलिख पुल के पास रविवार से ही पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे थे। इस दौरान सड़क से गुजर रहे कई यात्रियों ने भागकर अपनी जान बचाई थी। अब अचानक पूरा पहाड़ दरकने से बड़ी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया है, जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया।
वहीं, जांगलिख खड़ में हुए भारी लैंडस्लाइड के कारण सुंदरू खड़ का पानी रुक गया था। इससे आसपास के क्षेत्रों में अचानक पानी का बहाव बढ़ने का खतरा बना हुआ था। ऐसे में स्थानीय लोगों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई। रोहड़ू के एसडीएम धर्मेश रमोत्रा ने बताया कि तहसीलदार चिड़गांव को मौके पर भेज दिया गया है। सुंदरू खड्ड में गिरे मलबे के कारण पानी का बहाव थोड़ा सा अवरुद्ध हुआ था, लेकिन अब पानी का बहाव फिर से शुरू हो गया है। खड्ड में झील बनने जैसा कोई खतरा नहीं है। जलस्तर अचानक बढ़ने की संभावना है। लोगों से अपील है की गई है कि जांगलिख, पब्बर नदी और खड़ के किनारे जाने से बचें तथा सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
बता दें कि राज्य आपदा संचालन केंद्र (SEOC) की 28 सितंबर सुबह 10 बजे की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में बारिश/बर्फबारी के चलते 66 सड़कें बंद हैं, जबकि एक राष्ट्रीय राजमार्ग भी प्रभावित है। इसके अलावा 116 बिजली ट्रांसफार्मर बाधित हैं। राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी भी पेयजल योजना के बाधित होने की सूचना नहीं है।
जिला स्तर पर किन्नौर में NH-05 पूह के पास भारी बारिश के कारण सड़क बंद बताई गई है। कुल्लू, लाहौल-स्पीति, मंडी, शिमला और सिरमौर में भी कई सड़कें प्रभावित हैं। मौसम विभाग ने लोगों को भूस्खलन और कच्ची ढलानों वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। नदियों-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी और पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक मलबा आने की आशंका को देखते हुए यात्रियों को मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।
