गायनी वार्ड में अचानक गिरा छत का लेंटर, नवजात बच्चों और माताओं में मची अफरा-तफरी
हरियाणा के प्रतिष्ठित संस्थान पंडित भगवत दयाल शर्मा पीजीआईएमएस (रोहतक) के स्त्री एवं प्रसूति (गायनी) विभाग के वार्ड नंबर 2 में सोमवार दोपहर अचानक छत का लेंटर गिर गया। मलबे का बड़ा हिस्सा सीधे मरीजों के बेड पर जा गिरा, जिससे पूरे परिसर में हड़कंप मच गया।
हादसे के वक्त वार्ड में कई नवजात शिशु, प्रसूता महिलाएं और उनके परिजन मौजूद थे। जिस बेड पर लेंटर का भारी हिस्सा गिरा, खुशकिस्मती से उस समय उस पर कोई मौजूद नहीं था। हालांकि, बिल्कुल पास वाले बेड पर एक नवजात बच्चे के साथ उसकी मां लेटी हुई थी। धमाके की आवाज सुनते ही परिजनों ने तुरंत जच्चा और बच्चे को संभालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
वार्ड-2 की यह इमारत काफी पुरानी और जर्जर स्थिति में पहुंच चुकी है। छत और दीवारों में गंभीर रूप से सीलन फैली हुई है, जिससे स्ट्रक्चर बेहद कमजोर बताया जा रहा है। बिना उचित मरम्मत के चल रहे इस वार्ड में अब मरीजों और उनके तीमारदारों को हर पल किसी दूसरे हिस्से के ढहने का खौफ सता रहा है।
पीजीआई में लेंटर ढहने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले जुलाई 2025 में भी अस्पताल की छत का हिस्सा गिर चुका है, जिसमें एक ड्यूटी डॉक्टर बाल-बाल बचे थे। बार-बार हो रहे इन हादसों के बावजूद PGI प्रबंधन की ढिलाई मरीजों की जान पर भारी पड़ रही है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच के निर्देश दिए हैं, लेकिन लगातार हो रही इस अनदेखी पर आधिकारिक बयान देने से बचते नजर आए।
