दिल्ली: सत्य निकेतन में 50 साल पुरानी बिल्डिंग गिरी, 6 की मौत; 10 लोगों को बचाया गया, PG मालिक पर FIR
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। यहां करीब 40-50 साल पुरानी छह मंजिला इमारत अचानक ढह गई। हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10 लोगों को बचाया गया है। इनमें दो घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। मलबे में अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
अधिकारियों के मुताबिक, हादसा रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ। जिस इमारत में हादसा हुआ, वहां करीब 75 बेड वाला पेइंग गेस्ट (PG) अकोमोडेशन संचालित हो रहा था। बताया गया है कि इमारत का मालिक गुरुग्राम में रहता है।
पुलिस ने सत्य निकेतन में इमारत ढहने के मामले में कथित मालिक हरिराम समेत अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 153/26 के तहत BNS की धारा 105/290/125(a) में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने बताया कि हादसे के समय इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर मरम्मत का काम चल रहा था। आरोप है कि मरम्मत के दौरान किए जा रहे काम के कारण इमारत ढह गई। मामले में आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें बनाई गई हैं।
सत्य निकेतन दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के नजदीक स्थित है। इलाके में बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं। हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और DDMA की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचाव अभियान के लिए फायर टेंडर और CATS एंबुलेंस भी तैनात की गईं।
अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी ज्वाइंट CP/नई दिल्ली रेंज, DCP/साउथ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट और एडिशनल DCP ऑपरेशन कर रहे हैं। मलबे को हटाकर उसमें फंसे लोगों की तलाश की जा रही है।
दिल्ली पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर बताया कि इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी। इसमें एक बेसमेंट और पांच ऊपरी फ्लोर थे। इसका इस्तेमाल PG अकोमोडेशन के तौर पर किया जा रहा था।
पुलिस के मुताबिक, हादसे के वक्त बेसमेंट में रिपेयर का काम चल रहा था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और PG मालिक के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना को दुखद बताया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने X पर प्रधानमंत्री के हवाले से कहा कि घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले लोगों के प्रति उनकी संवेदनाएं हैं। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और कहा कि अधिकारी मौके पर काम कर रहे हैं तथा प्रभावित लोगों की मदद की जा रही है।
हादसे के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से बात की और सत्य निकेतन में इमारत गिरने के बाद हालात का जायजा लिया। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया और एम्स (AIIMS) के डायरेक्टर और केंद्र सरकार के अस्पतालों को जरूरी मदद और सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
इससे पहले हादसे पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए स्थिति को ‘बेहद चिंताजनक’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है और सभी संबंधित एजेंसियां आपसी तालमेल के साथ काम कर रही हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर एक नागरिक की सुरक्षा और भलाई सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि डीडीएमए, एनडीआरएफ, दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली पुलिस, एमसीडी, कैट्स और सिविल डिफेंस की टीमें युद्धस्तर पर बचाव कार्यों को अंजाम दे रही हैं। एहतियात के तौर पर बगल वाली इमारत को भी खाली करा लिया गया है। मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
इस बीच स्थानीय भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने इस घटना को बेहद दुखद और हृदय विदारक बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और पूरी दिल्ली सरकार इस बात को लेकर बेहद चिंतित है कि छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए।
विधायक अनिल शर्मा ने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों से छात्र यहां पढ़ाई करने आते हैं और इस इमारत में पीजी के रूप में रहते थे, जो अब ढह चुकी है। उन्होंने कहा कि हालांकि यह कहना अभी मुश्किल है कि मलबे के भीतर 5,10 या 20 छात्र फंसे हैं, लेकिन यह तय है कि कुछ छात्र अंदर फंसे हुए हैं।
एनडीआरएफ और एमसीडी की टीमों ने अब तक कुछ लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है। कुछ छात्र अंदर से फोन भी कर रहे हैं, जिससे यह प्रतीत होता है कि अन्य लोग भी अंदर फंसे हुए हैं, इसलिए बचाव अभियान लगातार जारी है।
