केजरीवाल ने कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूलों को सुधारने का काम किसी एक पार्टी ने नहीं, बल्कि वहां के शिक्षकों, प्रिंसिपलों, बच्चों और अभिभावकों ने मिलकर किया है। उन्होंने अपील की कि पुरानी तस्वीरों, AI-डॉक्टर्ड वीडियो और भ्रामक पोस्ट के जरिए पंजाब की जनता और शिक्षकों के प्रयासों का अपमान न किया जाए। केजरीवाल ने अपनी बात का अंत करते हुए दोहराया कि यदि बीजेपी में हिम्मत है, तो वह उनके 1,000 बनाम 1,000 स्कूलों के निरीक्षण की चुनौती को स्वीकार करे।