चंडीगढ़ में निहंग का होमगार्ड से मारपीट का VIDEO वायरल, मटौर बॉर्डर पर लैनयार्ड से खींचकर थप्पड़ मारे
चंडीगढ़-मोहाली के मटौर बॉर्डर पर 15 अगस्त की सुबह चंडीगढ़ में तैनात होमगार्ड जवान रविंदर के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में एक निहंग जवान की वर्दी पर लगी लैनयार्ड पकड़कर उसे खींचता और थप्पड़ मारता दिखाई दे रहा है। वीडियो में जवान हाथ जोड़कर निहंग से खुद को छोड़ने की गुहार लगाता नजर आता है, जबकि निहंग उसके साथ गाली-गलौज करते हुए शराब पीने और गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के आरोप लगाता दिखाई दे रहा है। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद होमगार्ड जवान की जांच करवाई गई थी। इसमें उसके शराब के नशे में होने की बात सामने नहीं आई। पुलिस अब वीडियो के आधार पर मारपीट करने वाले निहंग की पहचान और तलाश में जुटी है।
होमगार्ड जवान रविंदर चंडीगढ़ में तैनात है। वह 15 अगस्त की सुबह करीब 7 बजे मोहाली में रहने वाली अपनी बहन से मिलकर मोटरसाइकिल से चंडीगढ़ लौट रहा था। मटौर बॉर्डर पर चंडीगढ़ पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर बैरिकेडिंग कर रखी थी। यहां कौमी इंसाफ मोर्चा के प्रदर्शनकारियों को चंडीगढ़ में प्रवेश करने से रोकने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती थी। इसी दौरान जवान को वहां रोक लिया गया और मौजूद निहंग तथा उसके साथ खड़े लोगों ने उसे घेर लिया।
सामने आए वीडियो में निहंग होमगार्ड जवान की वर्दी पर लगी लैनयार्ड पकड़कर उसे अपनी ओर खींचता दिखाई देता है। इसके बाद वह जवान को थप्पड़ मारता है और उससे शराब पीने को लेकर सवाल करता नजर आता है। जवान खुद को बचाने के लिए हाथ जोड़ता रहा। वह निहंग से कहता रहा कि उसने शराब नहीं पी है, लेकिन वीडियो में निहंग उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज करता दिखाई दे रहा है।
वीडियो में निहंग होमगार्ड जवान पर गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने का आरोप भी लगाता दिखाई दे रहा है। हालांकि, पुलिस की जांच में जवान के शराब के नशे में होने की बात सामने नहीं आई है। यह भी सामने आया है कि वीडियो निहंग की ओर से शूट करवाया गया और बाद में सोशल मीडिया पर शेयर किया गया। बताया जा रहा है कि मारपीट करने वाला निहंग कौमी इंसाफ मोर्चा से जुड़ा है। पुलिस वीडियो और उपलब्ध जानकारी के आधार पर उसकी तलाश कर रही है।
मटौर बॉर्डर चंडीगढ़ और मोहाली के बीच संवेदनशील स्थानों में शामिल है, जहां कौमी इंसाफ मोर्चा के प्रदर्शन के दौरान पहले भी पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बन चुकी है। ऐसे में 15 अगस्त को सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस ने बैरिकेडिंग कर बड़ी संख्या में जवान तैनात किए थे। घटना के बाद पुलिस की जांच का फोकस वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान और मारपीट की पूरी परिस्थितियों पर है। वहीं, जवान पर लगाए गए शराब पीने के आरोप की जांच में इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
