पंजाब में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 12 IPS अधिकारियों के तबादले
पंजाब सरकार ने पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल करते हुए 12 आईपीएस अफसरों के तबादले और नई तैनाती के आदेश जारी किए हैं. इस बदलाव में वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर जिलों में तैनात आईपीएस अफसरों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं. कई अधिकारियों को खाली पदों पर तैनात किया गया है, जबकि कुछ अफसरों को अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई है.
1994 बैच की आईपीएस अधिकारी वी. नीरजा को विशेष पुलिस महानिदेशक, एनआरआई पंजाब, एसएएस नगर की जिम्मेदारी दी गई है. वह अब तक साइबर क्राइम पंजाब की विशेष पुलिस महानिदेशक थीं. उनकी जगह 1997 बैच के आईपीएस अधिकारी राजेश कुमार जायसवाल को साइबर क्राइम पंजाब की जिम्मेदारी दी गई है. राजेश कुमार जायसवाल के पास जेल विभाग के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक का प्रभार भी बना रहेगा.
2011 बैच के आईपीएस अधिकारी नानक सिंह को पुलिस उपमहानिरीक्षक, आंतरिक सतर्कता प्रकोष्ठ, पंजाब, चंडीगढ़ बनाया गया है. इसके साथ ही उन्हें रोपड़ रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है.
2016 बैच की आईपीएस अधिकारी वत्सला गुप्ता को सहायक पुलिस महानिरीक्षक, कार्मिक-द्वितीय, पंजाब, चंडीगढ़ की जिम्मेदारी मिली है. वहीं 2017 बैच की आईपीएस अधिकारी प्रज्ञा जैन को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, लुधियाना रेंज की सहायक पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया है. इसके साथ उन्हें आंतरिक सुरक्षा, पंजाब, लुधियाना का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है.
2020 बैच के आईपीएस अधिकारी अरविंद मीणा को लुधियाना में पुलिस उपायुक्त, कानून व्यवस्था बनाया गया है. इसी बैच की आईपीएस अधिकारी अकरशी जैन को अमृतसर में पुलिस उपायुक्त, मुख्यालय की जिम्मेदारी दी गई है.
जसरोप कौर बठ को जालंधर में पुलिस उपायुक्त, कानून व्यवस्था बनाया गया है. वहीं आदित्य एस. वारियर को जालंधर में पुलिस उपायुक्त, सिटी की जिम्मेदारी मिली है. 2021 बैच के आईपीएस अधिकारी जयंत पुरी को अमृतसर में पुलिस उपायुक्त, जांच नियुक्त किया गया है.
2022 बैच के आईपीएस अधिकारी अशोक मीणा को श्री मुक्तसर साहिब में पुलिस अधीक्षक, जांच का काम देखने की जिम्मेदारी दी गई है. इसी बैच के आईपीएस अधिकारी धरावत साई प्रकाश को लुधियाना में पुलिस उपायुक्त-तृतीय का काम देखने को कहा गया है.
पंजाब सरकार के इस फेरबदल के बाद पुलिस विभाग के कई अहम पदों पर नई जिम्मेदारियां तय हो गई हैं. खास तौर पर साइबर अपराध, एनआरआई मामलों, आंतरिक सुरक्षा, मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े विभागों में अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं.
