‘एक भी पेपर लीक नहीं, नकल की साजिश रही नाकाम’… CM मान का बड़ा दावा
पंजाब के मुख्यमंत्री ने हाल ही में आयोजित फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा का जिक्र करते हुए कहा कि सरकारी नौकरी का सपना देखने वाले लाखों युवाओं के लिए सबसे बड़ा भरोसा यही है कि उनकी मेहनत का हक कोई छीन न सके. सीएम मान ने बताया कि पंजाब सरकार लगातार यही भरोसा मजबूत कर रही है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों ने हाई-टेक पेन कैमरा, वायरलेस ईयरपीस और मॉडिफाइड मोबाइल के जरिए नकल कराने की साजिश रची थी. बावजूद पंजाब पुलिस ने परीक्षा के दौरान ही पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया. जिसमें 31 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 21 उम्मीदवार और 10 हैंडलर शामिल हैं.
सीएम मान ने साफ किया कि जांच में किसी सरकारी अधिकारी की संलिप्तता नहीं पाई गई. उन्होंने कहा कि इस बात से यह पता चलता है कि सरकार की परीक्षा प्रणाली सुरक्षित रही और नकल की कोशिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया.
मुख्यमंत्री भगवंत मान का स्पष्ट किया कि पंजाब में सरकारी नौकरी केवल मेहनत, योग्यता और मेरिट के आधार पर मिलेगी. उन्होंने दावा किया कि सरकार अब तक मान सरकार 70 हज़ार युवाओं को नौकरी दे चुकी है और नकल माफिया और भ्रष्टाचार के लिए इस सरकार में कोई जगह नहीं है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पाँच वर्षों में पंजाब में एक भी पेपर लीक न होना इस बात का संकेत है कि सरकार भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने आगे कहा कि जब भी किसी ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश की, कानून ने तुरंत कार्रवाई की.
उन्होंने कहा कि आज पंजाब के माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चों की मेहनत का सम्मान हो, और युवा चाहते हैं कि उन्हें बिना किसी सिफारिश या धांधली के अवसर मिले. साथ ही यह भी कहा कि ऐसी भावना के बीच नकल के प्रयास को समय रहते रोकना उन लाखों मेहनती छात्रों के विश्वास की रक्षा करने जैसा माना जा रहा है.
वही मामले पर आम आदमी पार्टी का कहना है कि शिक्षा और रोजगार केवल चुनावी वादे नहीं, बल्कि भविष्य निर्माण का सबसे बड़ा माध्यम हैं. इसलिए ईमानदार भर्ती प्रक्रिया, पारदर्शिता और जीरो टॉलरेंस की नीति ही पंजाब के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत गारंटी है.
