25 हजार की रिश्वत ने पहुंचाया जेल: मोहाली कोर्ट ने ASI को 3 साल कैद की सजा सुनाई
मोहाली की विशेष अदालत ने वर्ष 2019 के रिश्वतखोरी मामले में पंजाब पुलिस के सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) जगदीश लाल को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष की कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यदि जुर्माना अदा नहीं किया गया, तो उसे अतिरिक्त दो माह का कारावास भुगतना होगा।
विशेष न्यायाधीश ने एएसआई को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्तियों से ईमानदारी और निष्पक्षता की अपेक्षा की जाती है। रिश्वत लेना समाज और व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है। ऐसे मामलों में कड़ी सजा आवश्यक है, ताकि समाज में यह स्पष्ट संदेश जाए कि भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, शिकायतकर्ता धरम सिंह, जो न्यू पीजीआर ट्रांसपोर्ट कंपनी, रामपुरा फूल का संचालन करते हैं, ने विजिलेंस ब्यूरो से शिकायत की थी कि उस समय होशियारपुर जिले के जेजों पुलिस चौकी में तैनात एएसआइ जगदीश लाल उनके ट्रकों को क्षेत्र से गुजरने देने के एवज में रिश्वत मांग रहा था। ये ट्रक बजरी, पत्थर और रोड़ी जैसी निर्माण सामग्री लेकर गुजरते थे।
शिकायत में बताया गया कि आरोपित पहले प्रति ट्रक एक हजार रुपये की मांग कर रहा था, लेकिन बाद में यह रकम 500 रुपये प्रति ट्रक तय की गई। लगातार हो रही इस अवैध मांग से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने विजिलेंस अधिकारियों से संपर्क किया। एक अगस्त 2019 को आरोपित को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया।
शिकायतकर्ता को आरोपित को 25 हजार रुपये देने थे, जिस पर विजिलेंस टीम ने पूरी कार्रवाई की योजना बनाई। कार्रवाई के दौरान विजिलेंस अधिकारियों ने आरोपित को रिश्वत की रकम लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी के दौरान उसके पैंट की जेब से केमिकल लगे नोट बरामद किए गए। जांच में आरोपित के हाथ धोने और जेब धोने के नमूने गुलाबी रंग में बदल गए, जिससे यह साबित हुआ कि उसने फिनाल्फ्थेलीन पाउडर लगे नोटों को छुआ था।
