नेपाल फ्लैश फ्लड में 165 से ज्यादा मौतें, 750 से ज्यादा लोग लापता, इनमें 300 भारतीय शामिल, हेल्पलाइन नंबर जारी
नेपाल में भीषण बाढ़ के चलते 165 लोगों की मौत हो चुकी है और 750 से ज्यादा लोग लापता हैं। राहत और बचाव कार्य जारी हैं, लेकिन मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। भारत के 300 लोग लापता हैं। इनमें से अधिकतर मानसरोवर यात्रा पर गए थे। घटना का भयावह वीडियो भी सामने आया है, जिसमें लोगों को भागते हुए देखा जा सकता है और अगले ही पल मलबे के साथ आया पानी सब तबाह कर देता है। यह बाढ़ तिब्बत से शुरू हुई थी। इसने कई कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया, जरूरी पुल बहा दिए और एक दर्जन हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को नुकसान पहुंचाया।
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल ने संसद को बताया कि तिब्बत इलाके में सुबह 8:37 बजे (लोकल टाइम) भूकंप आया और तीन मिनट बाद अचानक बाढ़ आने की खबर मिली, जिससे लगता है कि झटकों की वजह से ग्लेशियर फटने से बाढ़ आई होगी। अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ भोटे कोशी नदी से होकर आई और तिब्बत की सीमा से लगे रसुवा और धाडिंग जिलों को प्रभावित किया। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी ने बताया कि नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर मौजूद लहेंडे नदी में चट्टानों के खिसकने और उसके उफान की वजह से रसुवा जिले के बॉर्डर वाले शहर तिमुरे में भोटे कोशी से त्रिशूली नदी में भारी बाढ़ आ गई।
नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद 130 से ज्यादा भारतीय लापता हैं और कई दूसरे लोग फंस गए हैं। इनमें मानसरोवर यात्रा पर गए कई तीर्थयात्री भी शामिल हैं। काठमांडू में भारतीय दूतावास और तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों ने प्रभावित भारतीयों और उनके रिश्तेदारों के लिए हेल्पलाइन शुरू की हैं। सम्राट टूर्स एंड ट्रैवल एजेंसी ने कहा कि कम से कम 59 भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्रा के तीर्थयात्री थे।
नेपाल पुलिस ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि हिमालयी देश में अचानक आई बाढ़ में 157 लोगों की मौत हो गई। नेपाल सरकार ने कहा कि करीब 500 लोग लापता हैं, जबकि चीन के सरकारी CGTN न्यूज़ चैनल ने कहा कि बॉर्डर के चीनी हिस्से में तीन लोगों की मौत हो गई और 265 लोग लापता हैं।
