रिश्वत लेते पकड़े गए अफसरों की उसी जिले में नहीं होगी पोस्टिंग, हरियाणा ACB का बड़ा फैसला
हरियाणा में रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को अब उसी जिले में दोबारा पोस्टिंग नहीं दी जाएगी। हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी कि ACB ने सभी सरकारी विभागों को ऐसे अधिकारियों-कर्मचारियों की उसी जिले में फिर से तैनाती से बचने के निर्देश दिए हैं। राज्य सतर्कता एवं ACB प्रमुख अर्शिंदर सिंह चावला ने बताया कि यह फैसला ACB की हाई-पावर कमेटी में हुई चर्चा के बाद लिया गया है। इसके बाद सभी सरकारी विभागों को पत्र भेजकर जरूरी कार्रवाई करने को कहा गया है।
ACB ने राज्य में 190 ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची तैयार की है, जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़ी बार-बार शिकायतें या इनपुट मिले हैं। ACB के मुताबिक, कई मामलों में यह देखा गया कि किसी अधिकारी या कर्मचारी पर भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई होने के बाद भी उसकी पोस्टिंग उसी जिले में कर दी गई। चावला ने कहा कि ऐसा होने से भ्रष्टाचार के खिलाफ की गई कार्रवाई का मकसद कमजोर पड़ सकता है और लोगों का व्यवस्था पर भरोसा भी प्रभावित हो सकता है। इसी मुद्दे पर ACB की हाई-पावर कमेटी में चर्चा हुई और जरूरी कार्रवाई के लिए सरकार के सामने प्रस्ताव रखा गया। इसके बाद सभी विभागों को निर्देश जारी किए गए हैं कि रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए अधिकारियों-कर्मचारियों को उसी जिले में दोबारा पोस्टिंग देने से बचें।
ACB प्रमुख चावला के मुताबिक, इस साल अब तक 138 सफल ट्रैप ऑपरेशन किए जा चुके हैं। इन कार्रवाइयों में सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। उन्होंने कहा कि अगर सरकारी छुट्टियों को अलग कर दिया जाए तो औसतन हर दूसरे दिन कम से कम एक सरकारी कर्मचारी रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया। चावला के मुताबिक, यह आंकड़ा सिर्फ ACB की कार्रवाई की संख्या नहीं बताता, बल्कि यह भी दिखाता है कि लोग भ्रष्टाचार की शिकायत करने के लिए आगे आ रहे हैं। हरियाणा ACB के मुताबिक, ट्रैप कार्रवाई में शिकायत मिलने के बाद भ्रष्ट अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ने की प्रक्रिया अपनाई जाती है और जांच पूरी होने के बाद मामला अदालत में चलाया जाता है।
चावला ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में ACB की कार्रवाई सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। ब्यूरो का ध्यान अब मामलों की प्रभावी पैरवी और उन्हें अदालत में अंतिम नतीजे तक पहुंचाने पर भी है। उन्होंने बताया कि 1 जनवरी से अब तक अलग-अलग अदालतों ने 21 मामलों में 23 सरकारी कर्मचारियों को कठोर सजा सुनाई है। चावला के मुताबिक, इससे पता चलता है कि रिश्वत के मामलों में तत्काल गिरफ्तारी के साथ-साथ प्रभावी अभियोजन और कानूनी प्रक्रिया के अंतिम चरण तक फॉलो-अप भी किया जा रहा है।
ACB प्रमुख ने बताया कि 190 अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची में शामिल लोगों के खिलाफ उपलब्ध जानकारी का विश्लेषण किया जा रहा है। इसके आधार पर आगे जरूरी कार्रवाई की जाएगी। ACB अलग-अलग सरकारी विभागों से मिलने वाली शिकायतों का भी लगातार विश्लेषण कर रहा है। इसका मकसद ऐसे विभागों, दफ्तरों और इलाकों की पहचान करना है, जो ‘भ्रष्टाचार के हॉटस्पॉट’ बनते नजर आ रहे हैं।
हरियाणा में ACB के सात पुलिस स्टेशन हैं। इन पुलिस स्टेशनों पर मिलने वाली शिकायतों और सूचनाओं का विश्लेषण किया जाता है। इससे यह पता लगाने की कोशिश होती है कि सरकारी दफ्तरों में आम लोगों को किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बाद ACB संबंधित विभागों के साथ मिलकर कार्रवाई और व्यवस्था में सुधार की दिशा में काम करता है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, हरियाणा में ACB के 7 प्रमुख पुलिस स्टेशन पंचकूला, अंबाला, हिसार, रोहतक, करनाल, फरीदाबाद और गुरुग्राम में हैं।
ACB शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को भी आसान बनाने की तैयारी कर रहा है। चावला ने बताया कि ब्यूरो एक मोबाइल एप्लिकेशन का ट्रायल कर रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार लोगों को ACB का हेल्पलाइन नंबर याद नहीं रहता। ऐसे में नया मोबाइल ऐप लोगों को सिर्फ एक टच में ACB हेल्पलाइन से जोड़ने में मदद करेगा। ऐप में OTP आधारित सुविधाएं और दूसरी सुरक्षा व्यवस्थाएं भी शामिल की जाएंगी, ताकि शिकायत करने वाले व्यक्ति की पहचान सुरक्षित रखी जा सके।
चावला ने बताया कि व्यवस्था ऐसी बनाई जा रही है कि अगर कोई व्यक्ति अपने जिले से बाहर जाता है और वहां उसके साथ भ्रष्टाचार से जुड़ी घटना होती है, तो वह भी आसानी से ACB तक इसकी जानकारी पहुंचा सके। यानी शिकायत प्रणाली को सिर्फ फोन नंबर पर निर्भर रखने के बजाय ज्यादा सुविधाजनक और टेक्नोलॉजी आधारित बनाया जा रहा है। हरियाणा ACB ने पहले से ही भ्रष्टाचार की शिकायतों के लिए हेल्पलाइन, व्हाट्सऐप और अन्य माध्यम उपलब्ध कराया है तथा शिकायतकर्ता की पहचान सुरक्षित रखने की व्यवस्था की है।
