देशभर में मानसून का कहर: हिमाचल, बिहार और यूपी समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
सितंबर महीने की शुरुआत के साथ ही देश के विभिन्न राज्यों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और आसपास के चक्रवातीय परिसंचरण के कारण एक मजबूत मानसूनी तंत्र विकसित हुआ है। इसके प्रभाव से उत्तर, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना जताई गई है।
पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से हालात संवेदनशील बने हुए हैं। मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में भीषण बारिश के साथ-साथ चट्टानें खिसकने और भूस्खलन की गंभीर चेतावनी जारी की है। भूस्खलन के कारण कई राष्ट्रीय राजमार्गों और संपर्क मार्गों के बाधित होने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और दूर-दराज से आए पर्यटकों को नदियों, नालों और संवेदनशील पहाड़ी ढलानों से दूर रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
मैदानी इलाकों में मानसून की सक्रियता से बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। बिहार के निचले इलाकों में लगातार बारिश के चलते गंगा, कोसी और गंडक जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है। उत्तर प्रदेश के पूर्वी और मध्यवर्ती हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है।
IMD के अनुसार, बारिश के दौरान तटीय और मैदानी इलाकों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चल सकती हैं। हवाओं की तेज गति से कच्चे मकानों, टीन की छतों और पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचने का अंदेशा है। इसके अलावा, कई इलाकों में वज्रपात यानी आकाशीय बिजली गिरने की कड़ी चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने बारिश के दौरान लोगों को खुले मैदानों, जलभराव वाले क्षेत्रों या बड़े पेड़ों के नीचे शरण न लेने की विशेष हिदायत दी है।
मौसम की गंभीरता को देखते हुए संबंधित राज्य सरकारों और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) को अलर्ट मोड पर रखा गया है। बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित होने वाले संवेदनशील जिलों में आपातकालीन नियंत्रण कक्षों को सक्रिय कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना या आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
