होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान पर अमेरिका का बड़ा हमला, तीन सैन्य ठिकानों को किया पूरी तरह तबाह
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव अब सीधे और आमने-सामने के सैन्य टकराव में बदल चुका है। बुधवार सुबह आई ताजा लाइव अपडेट्स के अनुसार, अमेरिकी वायुसेना और लड़ाकू विमानों ने दक्षिणी ईरान के कई सामरिक ठिकानों पर बमबारी की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान दोनों की तरफ से इस सैन्य कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि कर दी गई है। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अमेरिकी संपत्तियों पर होने वाले हमलों का करारा जवाब देना बेहद जरूरी था। इस नए घटनाक्रम ने पूरे मिडिल ईस्ट को युद्ध की आग में झोंक दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति वार्ताओं की सभी संभावनाएं लगभग समाप्त हो गई हैं।
इस नए विवाद की शुरुआत मंगलवार रात होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर के क्रैश होने के बाद हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि यह क्रैश कोई तकनीकी खराबी नहीं थी, बल्कि ईरानी सेना के हमलों की वजह से हुआ था। हालांकि, इस घटना में दोनों अमेरिकी पायलटों को ड्रोन की मदद से सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।
ट्रंप ने इस घटना को अमेरिकी संप्रभुता पर हमला बताते हुए तुरंत बदला लेने का एलान किया और कुछ ही घंटों के भीतर अमेरिकी सेना को ईरान के अलग-अलग सैन्य ठिकानों को नेस्तनाबूद करने के सीधे आदेश जारी कर दिए।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान पर हमलों का तीसरा दौर शुरू कर दिया है, जिसे ईरान के लिए एक कड़क चेतावनी माना जा रहा है। अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने दक्षिणी ईरान के केशम द्वीप को निशाना बनाते हुए बैक-टू-बैक छह बड़े हवाई हमले किए, जिससे पूरा द्वीप दहल उठा। इस एयर स्ट्राइक में होर्मुज के आसपास स्थित ईरान के बेहद संवेदनशील एयर डिफेंस और एडवांस रडार सिस्टम को मुख्य रूप से निशाना बनाकर ध्वस्त किया गया है।
इसके अलावा बंदर अब्बास और सिरिक इलाके में भी अमेरिकी प्रोजेक्टाइल्स और खतरनाक ड्रोन्स के टकराने की पुष्टि हुई है, जिससे ईरानी सेना को भारी नुकसान पहुंचा है।
