पीड़ित एडवोकेट ने कहा कि इसके बाद उन्हें एक अन्य नंबर से एक वीडियो कॉल आया, जिसमें एक व्यक्ति एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की वर्दी में था। उक्त नकली सीबीआई अधिकारी ने एडवोकेट से उनका नाम और पता पूछा, फिर उन्हें अपने आधार कार्ड की एक प्रति भेजने के लिए कहा, जिस पर एडवोकेट ने उन्हें अपने आधार कार्ड की एक फोटो कॉपी भेज दी। इसके बाद उक्त व्यक्ति ने कहा कि आपके खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया है, जिसमें सीबीआई आपको आपके घर में हाउस अरेस्ट करती है।
फर्जी सीबीआई अधिकारी ने कहा कि जब तक हमारी जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक आप परिवार के किसी सदस्य या किसी भी व्यक्ति से बात नहीं कर पाएंगे। अगर ऐसा किया तो आपको आपके घर से गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 19 से 25 अगस्त तक उक्त फर्जी सीबीआई अधिकारी उन्हें कई बार व्हाट्सएप और वीडियो कॉल के जरिए धमकाता रहा। 25 अगस्त को उक्त व्यक्ति ने वकील से बैंक बैलेंस, प्रॉपर्टी और अन्य कीमती सामान की जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद उक्त व्यक्ति ने कहा कि उसे सिक्योरिटी के तौर पर 28 लाख रुपये ट्रांसफर करने होंगे। पीड़ित वकील को लगातार व्हाट्सएप और वीडियो कॉल के जरिए धमकाया गया, जिससे वह डरकर शातिरों के खातों में रुपये ट्रांसफर करता रहा। इस तरह ठगों ने वकील को 19 अगस्त 2025 से 1 सितंबर 2025 तक हाउस अरेस्ट रखा और अलग-अलग खातों में 90 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए।
पीड़ित वकील हरिंदर सिंह ने 25 अगस्त 2025 को आईसीआई बैंक के खाते में 28 लाख रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद, ठगों द्वारा बताए गए सिंध बैंक के खाते में 27 अगस्त को 41 लाख रुपये जमा किए गए, जबकि अगले दिन 28 अगस्त को 5.5 लाख रुपये किसी अन्य बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए। इसके बाद, 29 अगस्त को वकील द्वारा आईसीआई बैंक के खाते में 4 लाख रुपये जमा किए गए और इसी दिन दो ट्रांजेक्शन के माध्यम से उसी खाते में 5.5 लाख रुपये और जमा किए गए। इसी प्रकार, 30 अगस्त 2025 को वकील ने अपने खाते से इंडियन ओवरसीज बैंक के खाते में 5 लाख रुपये ट्रांसफर किए, जबकि उसी दिन ठगों द्वारा बताए गए ओजैस बैंक खाते में 5 लाख रुपये ट्रांसफर किए। इस प्रकार, इन 14 दिनों में 90 लाख रुपये ठग लिए गए
नकली सीबीआई अधिकारी वकील से अभी भी और पैसे मांग रहा था, लेकिन जब वकील ने अपनी बेटी से उधार पैसे मांगे, तो पूरी घटना का खुलासा हुआ। वकील हरिंदर सिंह ने इस मामले में अपनी बेटी अमनदीप कौर से बात की। जब वह अपने पति के साथ बठिंडा में अपने पिता के वकील के घर पहुंची, तो उसने उन्हें सीबीआई अधिकारियों के साथ हुई चैट दिखाई, जिसके बाद इस धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। इसके बाद वकील ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। थाने की साइबर सेल प्रभारी इंस्पेक्टर सुखवीर कौर ने बताया कि धोखाधड़ी करने वाले अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।