राहुल गांधी के मार्च से पहले CJI सूर्यकांत का बयान, बोले- सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सबके लिए खुले
सीजेआई सूर्यकांत ने आज मीडिया के सामने आकर कहा कि उन्होंने पहले ही राहुल गांधी को जवाब दे दिया था कि वह किन कारणों की वजह से नहीं मिल पाएंगे। सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने INDIA ब्लॉक के नेताओं के साथ सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च करने का ऐलान किया है। विपक्षी दलों की ओर से भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत से मुलाकात की मांग की गई है। आज के विरोध प्रदर्शन से पहले सीजेआई ने मीडिया के सामने आकर बयान दिया है। CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट किया, “मुझे कल बैठक के अनुरोध के संबंध में एक पत्र मिला था। मैंने कल रात ही उसका जवाब दे दिया था, जिसमें उन कारणों का उल्लेख किया गया था कि मैं क्यों नहीं मिल पाऊंगा?”
सीजेाई ने आगे कहा, “सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। किसी भी आम नागरिक या निर्वाचित निकाय के सदस्य की किसी भी याचिका का स्वागत है। हर भारतीय नागरिक को अदालत का दरवाजा खटखटाने का अधिकार है। हम उनकी चिंताओं को सुनेंगे और कानून के तहत जो भी उचित होगा, वह करेंगे।”
‘वन नेशन वन इलेक्शन’ पर JPC के सुप्रीम कोर्ट दौरे के रद्द होने पर सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, “इस मामले में तुलनात्मक रूप से ज्यादा कारण हैं, क्योंकि उस मुद्दे (वन नेशन वन इलेक्शन JPC बैठक) में कोर्ट में हितों के टकराव की संभावना थी। इसके कारण हमें प्रशासनिक पहलू पर चर्चा करनी पड़ी। मेरे सीनियर न्यायिक सहयोगियों और मेरी सामूहिक राय थी कि हमें हितों के टकराव की किसी भी स्थिति से बचना चाहिए।”
रविवार देर रात सूत्रों के मुताबिक, CJI सूर्यकांत ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर राहुल गांधी से मिलने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं।
राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने CJI को पत्र लिखकर सोमवार शाम 4 से 5 बजे के बीच मुलाकात का समय मांगा था। वे उन्हें एक ज्ञापन सौंपना चाहते थे, जिसमें ‘वोट चोरी’ रोकने, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रोकने और दोबारा मतपत्र प्रणाली लागू करने की मांग की गई थी।
