केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, ननकाना साहिब यात्रा को दी मंजूरी, 3000 श्रद्धालु जाएंगे पाकिस्तान
केंद्र सरकार ने पाकिस्तान स्थित ‘श्री गुरु नानक देव जी के जन्मस्थान ननकाना साहिब; की यात्रा के लिए सिख तीर्थयात्रियों को अनुमति दे दी है. बता दें ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के कारण यह धार्मिक यात्रा कुछ समय के लिए बंद थी. अब सिख श्रद्धालुओं को ऐतिहासिक अवसर मिलेगा कि वे गुरु नानक देव जी के जन्मस्थान और पाकिस्तान के अन्य ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन कर सकें. इस यात्रा में 3,000 श्रद्धालु शामिल होंगे, जो शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) के माध्यम से अटारी सीमा के रास्ते पाकिस्तान जाएंगे.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जत्थे को 10 दिन का वीजा जारी करने का निर्णय लिया है. यात्रियों को पासपोर्ट बनवाना अनिवार्य है और केवल SGPC और DSGMC के रजिस्टर्ड श्रद्धालु ही इसमें शामिल होंगे. अन्य संस्थाएं या व्यक्तिगत स्तर पर कोई जत्था पाकिस्तान नहीं जा सकेगा. दोनों समितियों को अपने राज्यों के गृह विभाग को श्रद्धालुओं की सूची भेजनी होगी, जिसके बाद केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग वीजा जारी करेगा.
पहले केंद्र सरकार ने नवंबर में गुरु नानक देव जी की जयंती पर ननकाना साहिब यात्रा की मंजूरी नहीं दी थी. गृह मंत्रालय ने पत्र भेजकर भारत-पाक सीमा पर तनावपूर्ण स्थिति का हवाला दिया था, इससे सिख समुदाय में नाराजगी पैदा हुई थी. एसजीपीसी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने इस फैसले को धार्मिक भावनाओं पर चोट बताते हुए कहा भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच की अनुमति दी जा सकती है. लेकिन सिखों को अपने धार्मिक स्थलों पर जाकर माथा टेकने की अनुमति क्यों नहीं मिल सकती.
ननकाना साहिब यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सिख समुदाय के लिए ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्त्व भी रखती है. यह अवसर श्रद्धालुओं को अपने गुरु के जन्मस्थान पर जाकर उनके जीवन और शिक्षाओं से जुड़ने का मौका देता है. पाकिस्तान में स्थित अन्य गुरुद्वारों के दर्शन भी तीर्थयात्रियों के लिए आध्यात्मिक अनुभव को और बढ़ाते हैं. इस ऐतिहासिक यात्रा से सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को सम्मान मिलता है, और भारत-पाकिस्तान के बीच सांस्कृतिक संवाद को भी बढ़ावा मिलता है.
