BJP दफ्तर ब्लास्ट-हमलावर 8 घंटे आराम से घर में सोए: एक सैर, दूसरा गाड़ी चलाने को बोलकर निकला, 12 घंटे तक एजेंसियों को नहीं लगी भनक
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चंडीगढ़ के सेक्टर 37 स्थित पंजाब भाजपा मुख्यालय में ब्लास्ट करने वाले हमलावरों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। चंडीगढ़ की एजीटीएफ, पंजाब एजीटीएफ और पंजाब की लोकल पुलिस आरोपियों के पीछे लगी हुई हैं। पता चला है कि ग्रेनेड हमले का आरोपी गुरतेज चंडीगढ़ में बाइक राइडर का काम करता था।
वारदात के बाद खुलेआम घूमते रहे आरोपी
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी करीब 4 घंटे तक चंडीगढ़ और मोहाली में खुलेआम घूमते रहे और उसके बाद उसी रात अपने घर रतनगढ़ पहुंचकर आराम से खाना खाया और सो गए। करीब 12 घंटे तक पुलिस उनकी लोकेशन तक ट्रेस नहीं कर पाई।
पता चला है कि बुधवार शाम करीब 5 बजे ब्लास्ट की घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी लगातार चंडीगढ़ और मोहाली में इधर-उधर घूमते रहे। इस दौरान वे कभी बस से तो कभी पैदल घूमते रहे, लेकिन किसी भी एजेंसी को उनकी भनक नहीं लगी। करीब 4 घंटे तक शहर में घूमने के बाद दोनों आरोपी बुधवार रात करीब 9 बजे अपने घर रतनगढ़ पहुंचे। वहां उन्होंने परिवार के साथ सामान्य तरीके से बातचीत की, खाना खाया और फिर सो गए।
12 घंटे तक लोकेशेन ट्रेस नहीं कर पाई पुलिस
अगले दिन वीरवार सुबह करीब 4:30 बजे गुरतेज घर से यह कहकर निकला कि वह सैर करने जा रहा है। इसके कुछ समय बाद करीब 5 बजे दूसरा आरोपी अमन भी घर से निकला और परिजनों को बताया कि वह गाड़ी लेकर जा रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि वारदात के बाद करीब 12 घंटे तक न तो चंडीगढ़ पुलिस और न ही पंजाब पुलिस आरोपियों की लोकेशन ट्रेस कर पाई। जबकि चंडीगढ़ पुलिस का दावा है कि उन्होंने कुछ ही समय में बसों से संबंधित सीसीटीवी फुटेज हासिल कर ली थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन बंद नहीं थे। इसके बावजूद पुलिस उनकी सही लोकेशन तक समय रहते नहीं पहुंच सकी, जो जांच पर सवाल खड़े कर रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, वीरवार दोपहर करीब 3 बजे चंडीगढ़ पुलिस आरोपियों के घर पहुंची, जबकि पंजाब पुलिस की टीम भी शाम के समय वहां पहुंची। तब तक आरोपी घर से निकल चुके थे।
NIA और रॉय जुटा रही इनपुट
आरोपी गुरतेज पिछले तीन साल से घर नहीं गया। परिवार से उसका संपर्क लगभग खत्म हो चुका है। उसकी एक की महिला साथी को भी पुलिस बुड़ैल से हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वहीं, ग्रेनेड फेंकने के आरोपी अमन के घर से पुलिस को पीले रंग का संदिग्ध लिफाफा मिला है। आशंका है कि इसमें हमले से जुड़ी कोई अहम जानकारी या सामग्री हो सकती है।
अब यह जानकारी भी सामने आई है कि NIA और स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल की टीमें भी आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही हैं। क्योंकि मामला ग्रेनेड हमले का है और जांच में सामने आया है कि यह पाकिस्तान में बनाया गया है, इसके अलावा रॉ भी इस मामलें में इनपुट जुटा रही है और पल-पल की जानकारी केंद्र सरकार को भी दी जा रही है।
