चंडीगढ़ में घुसे अमृतपाल के समर्थक: बंदी सिंहों की रिहाई की मांग, बैरिकेड तोड़े; वाटर कैनन का मुंह मोड़ा
पंजाब के सांसद अमृतपाल सिंह और अन्य बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर बुधवार को ‘वारिस पंजाब दे’ के समर्थकों और पुलिस के बीच तीखी झड़प देखने को मिली। प्रदर्शनकारियों ने चंडीगढ़ बॉर्डर पर रोके जाने के बाद सुरक्षा बैरिकेड्स तोड़ दिए। इस दौरान जब पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए वाटर कैनन (पानी की बौछार) का इस्तेमाल किया, तो प्रदर्शनकारियों ने उसका मुंह ही मोड़ दिया। हालात बेकाबू होने के बाद प्रदर्शनकारी सीधे मुख्यमंत्री आवास की तरफ आगे बढ़ गए हैं, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
इस उग्र प्रदर्शन को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी है और बुधवार के लिए एक विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी की है। पुलिस के अनुसार, सुबह से ही मोहाली बॉर्डर (बुड़ैल जेल के पीछे) से सेक्टर-50/51 चौक और वहां से सेक्टर-44/45 लाइट प्वाइंट तक सरोवर पथ पर वाहनों की आवाजाही को आंशिक रूप से डायवर्ट और प्रतिबंधित कर दिया गया है।
इसके अलावा, सेक्टर-43/44/51/52 चौक (आईएसबीटी चौक) से सेक्टर-44/45 चौक (गौशाला चौक) होते हुए सेक्टर-45/46-49/50 चौक तक विकास मार्ग पर भी यातायात डायवर्जन लागू किया गया है। सेक्टर-43/44 और सेक्टर-45/46 लाइट प्वाइंट पर भी ट्रैफिक भारी रूप से प्रभावित रहने की पूरी संभावना है।
चंडीगढ़ यातायात पुलिस ने अंतरराज्यीय बसों को सुरक्षित रूप से सेक्टर-43 आईएसबीटी तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। इसके साथ ही, आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे भारी जाम से बचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का प्रयोग करें और ताजा ट्रैफिक अपडेट के लिए चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नजर बनाए रखें। पुलिस प्रशासन लगातार लोगों से शांति बनाए रखने और कानून व्यवस्था का पालन करने की अपील कर रहा है।
