पिंजौर स्थित कौशल्या डैम के सूखने से पर्यावरणीय संकट के साथ-साथ सुरक्षा संबंधी खतरे भी बढ़ गए हैं। रविवार को डैम क्षेत्र में उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब मछलियां पकड़ने गई 12 वर्षीय एक बच्ची गहरे दलदल में फंस गई। डैम कर्मचारियों और स्थानीय लोगों की तत्परता से बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
जानकारी के अनुसार, डैम के आसपास अस्थायी रूप से रह रहे मजदूर परिवारों की एक बच्ची सूखे डैम के भीतर मछलियां पकड़ने चली गई थी। इस दौरान वह झील के बीच बने दलदली हिस्से में पहुंच गई और उसका पैर गहरे कीचड़ में धंस गया। बच्ची के बाहर नहीं निकल पाने पर मौके पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद डैम कर्मचारियों और स्थानीय ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान चलाया। काफी प्रयासों के बाद बच्ची को सुरक्षित निकाल लिया गया। राहत की बात रही कि उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई।
दूसरी ओर, डैम में पानी खत्म होने के कारण बड़ी संख्या में मछलियां मर गई हैं। डैम के कई हिस्सों में मरी हुई मछलियां खुले में पड़ी हुई हैं, जिनसे उठ रही दुर्गंध ने आसपास के गांवों के लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि बदबू के कारण क्षेत्र में रहना मुश्किल हो गया है और कई लोगों को सांस लेने में दिक्कत महसूस हो रही है।