श्री अकाल तख्त के फैसलों पर CM मान ने तोड़ी चुप्पी, कहा- ‘वीडियो में दिखने वाला शख्स मैं नहीं…’
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा उनके खिलाफ जारी किए गए हुकमनामों और फैसलों पर पहली बार खुलकर अपनी चुप्पी तोड़ी है। एक आधिकारिक बयान में मुख्यमंत्री ने अकाल तख्त द्वारा उठाए गए कदमों को उनके खिलाफ चलाया जा रहा एक बड़ा और झूठा प्रोपेगेंडा करार दिया है। सीएम मान ने स्पष्ट किया कि जिस वीडियो के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है, वह वीडियो उनका है ही नहीं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने धर्म और राजनीति के घालमेल पर चिंता जताते हुए कहा, ‘मैं श्री अकाल तख्त साहिब के सामने हमेशा अपना सर झुकाता हूं और उसे सर्वोच्च मानता हूं। लेकिन आज मुझे यह कहते हुए बेहद दुख हो रहा है कि वहां बैठे कुछ लोगों की नियुक्तियां सियासी (राजनीतिक) तौर पर हुई हैं। ये लोग अपने सियासी आकाओं के इशारे पर मुझे बदनाम करने की गहरी साजिश रच रहे हैं।’
वीडियो विवाद पर अपनी सफाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उन्हें अकाल तख्त पर बुलाया गया था, तब भी उन्होंने वहां जाकर अपना पक्ष पूरी ईमानदारी से रखा था। मान ने कहा, ‘मैंने तब भी स्पष्ट किया था कि उस वीडियो में जो शख्स दिखाई दे रहा है, वह कोई और है। उस व्यक्ति की कद-काठी तक मुझसे मेल नहीं खाती है। इसके बावजूद, धर्म के इतने बड़े-बड़े पदों पर बैठे लोग मेरे खिलाफ इतना बड़ा झूठ और प्रोपेगेंडा फैला रहे हैं, जिससे मैं हैरान हूं।’
मुख्यमंत्री ने विरोधियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनके खिलाफ ये हथकंडे इसलिए अपनाए जा रहे हैं क्योंकि वे पंजाब के हितों के लिए लगातार कड़े फैसले ले रहे हैं। मान ने कहा, ‘मैं पंजाब के पानी की रक्षा, यहां की कृषि, किसान और राज्य की जवानी (युवाओं) को बचाने के लिए दिन-रात काम कर रहा हूं।’
उन्होंने कहा कि मेरे विरोधी इस बात को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। मेरे रोम-रोम में पंजाब बसता है और मुझे डिगाने के लिए अब पवित्र धर्म का सहारा लेकर घिनौनी राजनीति की जा रही है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) और अकाल तख्त के प्रबंधकों के दोहरे रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले यही लोग लगातार मांग करते रहे कि बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून क्यों नहीं बनाया जाता। लेकिन अब जब हमारी सरकार ने बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बना दिया है, तो ये लोग राजनीति कर रहे हैं और कह रहे हैं कि हमसे बिना पूछे यह कानून क्यों बना दिया गया।
