छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करने हेतु पंजाब में ए आई शिक्षा शुरू की जाएगी : शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस
छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करने हेतु पंजाब में ए आई शिक्षा शुरू की जाएगी : शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस
स्कूली शिक्षा में पंजाब की प्रथम रैंकिंग शिक्षा व्यवस्था में आए व्यापक बदलाव और सुधार का परिणाम : मनीष सिसोदिया
‘ब्राइट माइंड्स ऑफ पंजाब 2026’ पहल के तहत 12वीं कक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले लगभग 657 मेधावी विद्यार्थियों को किया गया सम्मानित
मोहाली 3 जून प्रदीप सिंह हैप्पी ) ,
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब सरकार विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से जल्द ही सरकारी स्कूलों में छठी कक्षा से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए आई) शिक्षा शुरू करेगी।
विकास भवन, मोहाली में ‘ब्राइट माइंड्स ऑफ पंजाब 2026’ पहल के तहत जिले के उन विद्यार्थियों से संवाद करते हुए जिन्होंने 12वीं कक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं, शिक्षा मंत्री ने कहा कि चार वर्ष पहले जब भगवंत सिंह मान सरकार सत्ता में आई थी, तब उसका मुख्य उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना था। उन्होंने कहा कि नीति आयोग द्वारा स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब को प्रथम स्थान दिया जाना इस बात का प्रमाण है कि सरकार ने अपने वादों को ईमानदारी से पूरा किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब ने इस क्षेत्र में केरल जैसे राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है।
उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों को सिंगापुर और फिनलैंड जैसे देशों में उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए भेजा गया है।

सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों के दौरान लगभग 1,000 विद्यार्थियों ने जे ई ई और नीट जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की है। नीट परीक्षा के संचालन को लेकर उठी चिंताओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद पंजाब के विद्यार्थी अपनी मेहनत और लगन के बल पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार स्कूलों में ए आई पाठ्यक्रम शुरू करके विद्यार्थियों को ए आई युग की नौकरियों के लिए तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि वे तेजी से बदलती दुनिया में प्रतिस्पर्धी बने रहें। उन्होंने कहा कि जेनरेशन-ज़ेड की सोच और आकांक्षाएं भविष्य को नई दिशा दे रही हैं तथा ‘ब्राइट माइंड्स ऑफ पंजाब 2026’ जैसी पहल के माध्यम से सरकार विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम बना रही है। उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री तथा आम आदमी पार्टी पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया, जो दिल्ली में शिक्षा सुधारों के लिए जाने जाते हैं, ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए शैक्षणिक अध्ययन, करियर योजना तथा उभरते रोजगार अवसरों की जानकारी प्राप्त करने के लिए ए आई प्लेटफॉर्मों के उपयोग पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि जब तक वर्तमान विद्यार्थी स्नातक बनेंगे, तब तक रोजगार का स्वरूप काफी बदल चुका होगा। इसलिए उन्हें नई चुनौतियों और नए दौर की नौकरियों के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि कोई भी देश तब तक विकसित नहीं माना जा सकता जब तक उसकी शिक्षा व्यवस्था मजबूत, पारदर्शी और खामियों से मुक्त न हो।

नीट परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि लाखों विद्यार्थियों के सपनों के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए और यदि कोई गड़बड़ी हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने पारंपरिक परीक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर भी बल दिया तथा विद्यार्थियों से शिक्षा क्षेत्र में होने वाले अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज उठाने का आह्वान किया।
विद्यार्थियों को नौकरी के साथ-साथ उद्यमिता की ओर भी प्रेरित करते हुए सिसोदिया ने कहा कि हर वर्ष करोड़ों युवा सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करते हैं, लेकिन उनमें से बहुत कम को सफलता मिलती है। इसलिए विद्यार्थियों को भविष्य के नेता और उद्यमी बनना चाहिए, जो स्वयं रोजगार के अवसर पैदा करें। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ‘बिजनेस ब्लास्टर्स’ कार्यक्रम पहले ही शुरू किया जा चुका है।
कार्यक्रम के अंत में शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत करने, अपने लक्ष्यों पर केंद्रित रहने, चुनौतियों का सामना करने, बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का संकल्प दिलाया।
इस अवसर पर पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह, डी पी आई (सेकेंडरी) स्कत्तर सिंह बल, डीईओ (सेकेंडरी) डॉ. गिन्नी दुग्गल, डिप्टी डीईओ अंग्रेज सिंह तथा विभिन्न स्कूलों के शिक्षक भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम के दौरान “2035 में शिक्षा कैसी होगी?” विषय पर आधारित एक प्रदर्शनी भी आयोजित की गई।

