निलंबित DIG भुल्लर पर ईडी का बड़ा एक्शन, पंजाब और चंडीगढ़ में 11 ठिकानों पर छापेमारी
पंजाब के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर पर सीबीआई के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिकंजा कस दिया है। सोमवार सुबह चंडीगढ़ और पंजाब में भुल्लर और उनके सहयोगियों के 11 ठिकानों पर छापा मारा।
यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत की जा रही है। ईडी की यह कार्रवाई सीबीआई और एसीबी चंडीगढ़ की ओर से दर्ज प्रेडिकेट केस के आधार पर सामने आई है।
आरोप है कि एक आपराधिक केस के निपटारे के लिए बिचौलिये के जरिए अवैध रिश्वत की मांग की गई थी। जांच में आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति होने के भी संकेत मिले हैं। इन्हीं आरोपों को आधार बनाकर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच तेज कर दी है।
इसी के तहत ईडी की टीमों ने चंडीगढ़ में 2, लुधियाना जिले में 5, पटियाला में 2, नाभा में 1 और जालंधर में 1 स्थान पर एक साथ दबिश दी। ये सभी ठिकाने हरचरण सिंह भुल्लर, बिचौलिये कृष्णु शारदा और उनके करीबी सहयोगियों और संदिग्ध बेनामी संपत्तियों से जुड़े बताए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान ईडी की टीमें दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय साक्ष्यों को खंगाल रही हैं। जांच एजेंसी का मुख्य उद्देश्य मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पैसों के प्रवाह का पता लगाना, बेनामी संपत्तियों की पहचान करना और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका को उजागर करना है।
ईडी को प्रारंभिक जांच में कई अहम सुराग मिले हैं, जिसके आधार पर यह व्यापक कार्रवाई की गई है। छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद होने की भी संभावना जताई जा रही है।
ईडी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अभी जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं तथा मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए कितनी संपत्ति बनाई गई है।
फिलहाल, इस कार्रवाई से पंजाब के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले को लेकर आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
