हिमाचल प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। अप्रैल के महीने में भी रोहतांग, लाहौल-स्पीति और भरमौर-पांगी की ऊंची पहाड़ियों पर लगातार बर्फबारी हो रही है, जबकि शिमला, मंडी और धर्मशाला जैसे निचले क्षेत्रों में तेज बारिश दर्ज की गई है। ठंड बढ़ने से किन्नौर और लाहौल-स्पीति के कई इलाकों में तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया है। वहीं शिमला और मनाली में भी रात का पारा 5 डिग्री सेल्सियस से कम बना हुआ है।
खराब मौसम के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में नुकसान की घटनाएं सामने आई हैं। भरमौर-पठानकोट हाईवे भूस्खलन के चलते बंद हो गया है। कुल्लू के बंदरोल क्षेत्र में एक होटल का हिस्सा ढह गया, जबकि शिमला और कुल्लू में कुछ स्कूलों और मकानों पर खतरा बना हुआ है। सड़कों पर जमी बर्फ के कारण अटल टनल से सामान्य वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है और वहां से फिलहाल केवल 4×4 गाड़ियां ही गुजर पा रही हैं। कुल्लू में एक सड़क हादसे में दिल्ली से आए एक दंपति के घायल होने की भी सूचना है।
पांगी और सलूणी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और बारिश के चलते करीब 65 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है और दो प्रमुख सड़कें भी बंद हो गई हैं। इसके अलावा कांगड़ा जिले में ओलावृष्टि से किसानों की गेहूं और सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
मौसम विभाग के अनुसार शिमला, सोलन, मंडी और कांगड़ा जैसे मैदानी और मध्य क्षेत्रों में मौसम फिलहाल साफ रहने की संभावना है, जबकि किन्नौर और लाहौल-स्पीति में हल्की बारिश जारी रह सकती है।
11 और 12 अप्रैल को मैदानी इलाकों में धूप खिलने की उम्मीद है, हालांकि कुछ अन्य जिलों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। वहीं 13 अप्रैल से पूरे प्रदेश में मौसम साफ होने और हालात सामान्य होने की संभावना जताई गई है।