पंचकूला जिले में कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की सप्लाई प्रभावित होने के कारण फास्ट फूड मार्केट में लगने वाली करीब 400 दुकानें बंद हो गई हैं। सेक्टर-15, 17, 11, 7, 8 और 9 की रेहड़ी मार्केट के अलावा कालका, पिंजौर, मोरनी, बरवाला और रायपुरानी की बाजारों में भी यही हाल है। ढाबे, फास्ट फूड स्टॉल और चाय-नाश्ते की रेहड़ियां चलाने वाले दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सेक्टर-15 रेहड़ी मार्केट के अध्यक्ष रिपुदमन का कहना है कि गैस की नियमित सप्लाई बंद होने से कारोबार पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कई दुकानदारों को अपनी दुकानें बंद करनी पड़ी हैं। वहीं बूथ संचालक शीला रानी का कहना है कि सिलिंडर की कमी के कारण कारोबार लगभग 50 प्रतिशत तक घट गया है और ग्राहकों की मांग पूरी नहीं हो पा रही।
चाय-नाश्ते की दुकान चलाने वाले अरविंद राम बताते हैं कि गैस न होने के कारण उन्होंने चाय और स्नैक्स बनाना बंद कर दिया है और केवल पानी बेचकर गुजारा कर रहे हैं। वहीं स्नैक्स बेचने वाले राजीव का कहना है कि पहले रोजाना सौ लोगों के ऑर्डर मिलते थे लेकिन अब सिलिंडर न मिलने के कारण काम बंद करना पड़ा है।
पंचकूला जिले में करीब 14 गैस एजेंसियां हैं और लगभग 1.25 लाख उपभोक्ता हैं। प्रशासन का कहना है कि घरेलू गैस की सप्लाई सामान्य है और जल्द ही कॉमर्शियल सिलिंडरों की सप्लाई भी बहाल की जाएगी।
मोहाली में भी गैस सिलिंडर की कमी ने 300 से 400 छोटे कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। शहर के विभिन्न इलाकों में फास्ट फूड की रेहड़ी लगाने वाले सैकड़ों विक्रेताओं को काम बंद करना पड़ा है। बर्गर की रेहड़ी लगाने वाले फेज-1 निवासी राजू ने कहा कि कई दिनों से गैस सिलिंडर नहीं मिला है। कई एजेंसियों के चक्कर लगाने के बाद भी सिलिंडर उपलब्ध नहीं हुआ जिससे रोज की कमाई बंद हो गई है। इसी तरह फेज-10 में मोमोज और स्प्रिंग रोल बेचने वाले बीर बहादुर का कहना है कि सिलिंडर न मिलने के कारण उन्हें भी अपनी रेहड़ी बंद करनी पड़ी है। छोटे कारोबारियों का कहना है कि अगर जल्द गैस की सप्लाई बहाल नहीं हुई तो उनके सामने परिवार चलाने का संकट खड़ा हो जाएगा।
चंडीगढ़ में स्थिति कुछ अलग लेकिन उतनी ही गंभीर है। यहां घरेलू गैस की सप्लाई पहले जितनी ही है लेकिन अचानक बुकिंग बढ़ने से संकट की स्थिति बन गई है। पहले जहां प्रतिदिन लगभग 12,500 सिलिंडरों की बुकिंग होती थी, वहीं अब यह बढ़कर करीब 20,000 तक पहुंच गई है। शहर में करीब दो लाख एलपीजी उपभोक्ता हैं और 26 गैस एजेंसियां काम कर रही हैं। गैस कंपनियों के अनुसार रोजाना लगभग 15,000 सिलिंडरों की सप्लाई हो रही है लेकिन अफवाहों और पैनिक बुकिंग के कारण मांग अचानक बढ़ गई है।