पंचकूला में सनातन संस्कृति जागरण अभियान में उमड़ा श्रद्धा का सागर, चंडीगढ़ के प्रशासक ने की शिरकत
पंचकूला: सेक्टर-5 स्थित यवनिका ग्राउंड में विश्व जागृति मिशन द्वारा आयोजित “सनातन संस्कृति जागरण अभियान” कार्यक्रम में श्रद्धा और भक्ति का अनोखा संगम देखने को मिला। पूज्य सद्गुरु सुधांशु महाराज एवं ध्यान गुरु डॉ. आर्चिका दीदी के पावन सानिध्य में संपन्न इस कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भारतीय अध्यात्म, संस्कारों और संस्कृति के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने शिरकत की। इस अवसर पर अनेक संत-महात्मा, विद्वान, समाजसेवी और राजनीतिक हस्तियां भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में वातावरण भक्तिरस से ओत-प्रोत रहा, जहां भजन-संकीर्तन, प्रवचन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जनमानस को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता एवं हिमाचल प्रदेश के सह-प्रभारी संजय टंडन ने कहा कि सनातन संस्कृति केवल एक आस्था नहीं बल्कि जीवन जीने की पद्धति है, जो पूरे विश्व को ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि आज के युग में जब भौतिकता और प्रतिस्पर्धा के कारण मानवीय संवेदनाएं क्षीण होती जा रही हैं, ऐसे आयोजनों से समाज में आध्यात्मिक जागरण और सांस्कृतिक एकता का भाव सशक्त होता है। संजय टंडन ने विश्व जागृति मिशन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पूज्य सुधांशु महाराज और आर्चिका दीदी के मार्गदर्शन में मिशन द्वारा किया जा रहा कार्य समाज में नैतिकता, सेवा और अध्यात्म के प्रसार का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सनातन परंपराएं हमें न केवल धर्म से जोड़ती हैं बल्कि कर्तव्य, प्रेम, करुणा और सहिष्णुता का संदेश भी देती हैं।
राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने भी अपने संबोधन में कहा कि भारत की शक्ति उसकी संस्कृति और आध्यात्मिकता में निहित है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे भारतीय मूल्य और संस्कृति को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें। पूरे कार्यक्रम के दौरान “हरि नाम संकीर्तन” और “ध्यान साधना” की पवित्र गूंज से वातावरण मंत्रमुग्ध रहा। श्रद्धालुओं ने इसे एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव बताया। इस भव्य आयोजन ने न केवल पंचकूला ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में सनातन संस्कृति के प्रति नवचेतना और सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।
