FSSAI का ई-कॉमर्स पर शिकंजा, अक्टूबर से ऑनलाइन खाद्य उत्पादों की होगी कड़ी जांच

0

FSSAI अगले महीने से ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर लिस्टेड खाद्य उत्पादों की जांच शुरू करेगा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करते हैं।

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने बीते कुछ दिनों में कई जगहों पर छापेमारी की है। अब FSSAI नियमों को सख्ती से लागू करने की तैयारी कर रही है।

FSSAI के CEO रजित पुन्हानी ने गुरुवार को जानकारी दी कि FSSAI अगले महीने से ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की जांच शुरू करेगा। प्लेटफॉर्म्स को जरूरी जांच-पड़ताल करनी होगी और यह पक्का करना होगा कि उन पर लिस्ट किए गए प्रोडक्ट्स फूड सेफ्टी नियमों का पालन करते हों।

रजित पुन्हानी ने कहा, ‘हम ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। वे यह कहकर नहीं बच सकते कि वे सिर्फ एग्रीगेटर या प्लेटफॉर्म हैं। यह आपकी जिम्मेदारी है और आपको जरूरी जांच-पड़ताल करनी होगी।

FSSAI पहले ही ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ बातचीत कर चुका है। पुन्हानी ने ई-कॉमर्स और लेबलिंग को ग्राहकों से जुड़े दो बड़े सुधार बताए हैं, जिसे लेकर उम्मीद की जा रही है कि इन्हें अगले साल तक माना जाएगा।

FSSAI खाने-पीने की चीजों के दावों और मार्केटिंग से जुड़े नियमों को भी सख्त कर रहा है। यह 100% वाले दावों की इजाजत नहीं देता (सिवाय उन मामलों के जो कोर्ट में चल रहे हों), जबकि शुद्ध और प्राकृतिक शब्दों का इस्तेमाल सिर्फ एक ही सामग्री वाले प्रोडक्ट्स के लिए किया जा सकता है, बशर्ते उनमें कुछ और न मिलाया गया हो।

पुन्हानी ने कहा कि लेबल पर ‘एनर्जी ड्रिंक’ शब्द के इस्तेमाल की इजाजत नहीं होगी, क्योंकि इससे ग्राहकों को गुमराह किया जा सकता है। ऐसे उत्पादों को कैफीन वाले पेय पदार्थों की श्रेणी में रखा जाएगा। साथ ही, प्रस्तावित रेड वॉर्निंग सिस्टम के दायरे में एरेटेड, कार्बोनेटेड और कैफीन वाले पेय पदार्थ भी आएंगे।

रेगुलेटर ने खाने-पीने की चीजों के भ्रामक प्रचार को लेकर छह मशहूर हस्तियों को नोटिस जारी किए हैं, जिनमें से तीन ने जवाब दिया है।

नियमों को लागू करने के बारे में पुन्हानी ने बताया कि FSSAI ने लाइसेंस सस्पेंड किए हैं, प्रतिष्ठान बंद कराए हैं और मुकदमे भी चलाए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों में असुरक्षित खाने से जुड़े आपराधिक मामलों में लगभग 600 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

पुन्हानी ने बताया कि पूरे भारत में फूड सेफ्टी नियमों के उल्लंघन (जैसे मिलावट, गलत लेबलिंग और घटिया क्वालिटी का खाना) के लिए लगभग 1,900 लोगों को दोषी ठहराया गया और 33,000 नोटिस जारी किए गए।

पुन्हानी ने कहा, स्कूलों के आस-पास ज्यादा फैट, शुगर और सॉल्ट (HFSS) वाले खाने-पीने की चीजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रस्ताव रखा जाएगा। रेगुलेटर ने बच्चों को अस्वास्थ्यकर खाने से बचाने के लिए स्कूलों के 50 मीटर के दायरे में HFSS फूड की बिक्री पर रोक लगाने का प्रस्ताव भी दिया है।

पुन्हानी ने कहा कि पहले HFSS फूड की कोई स्पष्ट परिभाषा न होना एक चुनौती थी। अब सरकारी न्यूट्रिशन रिसर्च इंस्टीट्यूट, ‘इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन’ ने कुछ मानक तय किए हैं, जिनका इस्तेमाल FSSAI करने की योजना बना रहा है।

RAGA NEWS ZONE Join Channel Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *