चंडीगढ़: ‘पिटाई’ और भ्रष्टाचार की खबरें झूठी व भ्रामक: बिरेन्द्र सिंह रावत ने किया खंडन, निष्पक्ष जांच की मांग

0

चंडीगढ़, 1 सितंबर। सेक्टर-29 स्थित गढ़वाल भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में बिरेन्द्र सिंह रावत ने उनके संबंध में हाल में मीडिया और सोशल मीडिया पर प्रसारित ‘पिटाई’ तथा भ्रष्टाचार और रिश्वत से जुड़े आरोपों का खंडन किया। रावत ने इन खबरों को झूठा, निराधार और भ्रामक बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराने की मांग की।
रावत ने स्पष्ट किया कि उनके साथ पिटाई की कोई घटना नहीं हुई और न ही भ्रष्टाचार या रिश्वत से संबंधित कोई वास्तविक घटना हुई है। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों की पुष्टि किए इस प्रकार की खबरें प्रसारित होने से उनकी सामाजिक और सार्वजनिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है।

प्रेस वार्ता में रावत ने सवाल उठाया कि कथित सूचना का मूल स्रोत कौन था, किस व्यक्ति ने उसे आगे प्रसारित किया और बिना पर्याप्त सत्यापन के यह सूचना मीडिया तथा सोशल मीडिया तक कैसे पहुंची। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को केवल फोन के माध्यम से कोई जानकारी मिली थी और वह स्वयं कथित घटना का प्रत्यक्षदर्शी नहीं था, तो ऐसी सूचना को सत्य मानकर आगे प्रसारित करने का आधार भी जांच का विषय होना चाहिए।

रावत ने प्रेस वार्ता में उपलब्ध समाचार सामग्री, वीडियो, ऑडियो, स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का हवाला देते हुए कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, चंडीगढ़ पुलिस को लिखित शिकायत देकर मामले की गहन जांच की मांग की गई है।
उन्होंने जांच के दौरान कथित सूचना के मूल स्रोत की पहचान करने के साथ संबंधित व्यक्तियों की भूमिका, कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट व संदेश, सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच एवं संरक्षण की मांग की है।

रावत ने बताया कि उन्होंने मामले को लेकर गढ़वाल सभा और कुमाऊं सभा के अध्यक्षों को भी अलग-अलग पत्र सौंपे हैं। उन्होंने दोनों संस्थाओं से मामले का संज्ञान लेने और चंडीगढ़ पुलिस को दी गई शिकायत के संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त कर निष्पक्ष जांच के लिए उचित स्तर पर विषय उठाने का अनुरोध किया है।
उन्होंने कहा कि गढ़वाल और कुमाऊं सभाएं उत्तराखंड समाज की महत्वपूर्ण प्रतिनिधि संस्थाएं हैं। ऐसे में उनसे अपेक्षा है कि वे मामले की गंभीरता को देखते हुए तथ्यों के आधार पर उचित कदम उठाएंगी।
रावत ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या मीडिया संस्थान को बदनाम करना नहीं है। उनकी मांग केवल यह है कि उनके संबंध में लगाए गए गंभीर आरोपों की सच्चाई निष्पक्ष जांच के माध्यम से सामने आए। उन्होंने कहा कि यदि आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण है तो उसे जांच एजेंसी के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए और यदि आरोप झूठे पाए जाते हैं तथा जानबूझकर प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए फैलाए गए हैं तो कानून के अनुसार जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा से जुड़े गंभीर आरोपों को प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले तथ्यों का उचित सत्यापन किया जाए और संबंधित पक्ष का पक्ष भी लिया जाए।
रावत ने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था और निष्पक्ष जांच पर पूरा विश्वास है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच से कथित सूचना के स्रोत, उसके प्रसार और पूरे मामले की वास्तविक सच्चाई सामने आएगी।

RAGA NEWS ZONE Join Channel Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *