PGI में 10 के बजाय 100 रुपये में बन रहे थे कार्ड, मरीजों से हो रही थी वसूली; विजिलेंस ने ट्रैप लगा पकड़ा अटेंडेंट
चंडीगढ़। पीजीआई में मरीजों और तीमारदारों से कार्ड बनाने के नाम पर एक तरह से वसूली करने वाले अस्पताल अटेंडेंट (एचएच) को इंटरनल विजिलेंस टीम ने ट्रैप लगाकर रंगे हाथ पकड़ लिया। वह 10 रुपये वाला कार्ड के 100 रुपये ले रहा था।
कर्मचारी के खिलाफ लंबे समय से पैसे लेकर कार्ड बनाने की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के आधार पर विजिलेंस ने कर्मचारी को पकड़ने के लिए योजना तैयार की।
इसके तहत विजिलेंस टीम का एक सदस्य मरीज बनकर पीजीआई की न्यू ओपीडी में पहुंचा। यहां उसने कार्ड बनवाने के लिए संबंधित अस्पताल अटेंडेंट से संपर्क किया। आरोप है कि कर्मचारी ने कार्ड बनाने के लिए 100 रुपये की मांग की।
इसके बाद विजिलेंस के सदस्य ने कर्मचारी से ऑनलाइन भुगतान के लिए स्कैनर मांगा। जैसे ही भुगतान किया गया, पहले से तैयार विजिलेंस टीम ने कर्मचारी को पकड़ लिया।
पीजीआई में मरीज का कार्ड बनाने के लिए निर्धारित शुल्क 10 रुपये है। विजिलेंस को मिली शिकायतों के अनुसार कर्मचारी कथित तौर पर मरीजों और उनके तीमारदारों से कार्ड बनाने के लिए 100 रुपये ले रहा था।
बताया जा रहा है कि वह रोजाना करीब 10 से 12 मरीजों के कार्ड बनाता था। इस तरह निर्धारित शुल्क से कई गुना अधिक रकम वसूलने की शिकायतें सामने आई थीं।
शिकायत मिलने के बाद निगरानी बढ़ाई
कर्मचारी के खिलाफ लगातार शिकायतें मिलने के बाद पीजीआइ की इंटरनल विजिलेंस ने मामले की पड़ताल शुरू की। इसके बाद शिकायत की पुष्टि करने और कर्मचारी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए ट्रैप की कार्रवाई की गई। ऑनलाइन भुगतान के जरिए लेन-देन का प्रमाण मिलने के बाद टीम ने तत्काल कार्रवाई की।
