चंडीगढ़ में कैसे घुसे सांसद समर्थक: पंजाब पुलिस बॉर्डर तक छोड़ गई, सिर्फ एक बैरिकेडिंग; रिटायर्ड DGP बोले- कोऑर्डिनेशन-इंटेलिजेंस की कमी
पंजाब के खडूर साहिब से खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल सिंह और बंदी सिखों की रिहाई को लेकर निकले अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के समर्थक मुख्यमंत्री भगवंत मान की चंडीगढ़ के सेक्टर 2 स्थित सरकारी कोठी के 1Km नजदीक तक पहुंच गए। उन्होंने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ी। यहां तक कि वाटर कैनन पर भी कब्जा कर लिया। इस दौरान पुलिसवाले भी पिटे।
यह प्रदर्शन पहले से घोषित था, ऐसे में सवाल उठ रहा है कि चंडीगढ़ पुलिस इस पूरे मामले में कैसे चूक गई। वह न तो प्रदर्शनकारियों को बॉर्डर पर रोक पाई और न ही सीएम के घर के करीब पहुंचने तक रोक सकी। इस बारे में पंजाब के पूर्व डीजीपी एपी पांडे ने कहा-
” यह चंडीगढ़ और मोहाली पुलिस के बीच तालमेल और ग्राउंड इंटेलिजेंस की कमी है। बड़े प्रदर्शन को संभालने की सबसे मजबूत तैयारी होनी चाहिए थी।
इस बारे में चंडीगढ़ की SSP कंवरदीप कौर ने पुलिस का बचाव किया। उन्होंने कहा कि पुलिस माहौल खराब नहीं होने देना चाहती थी। SSP कंवरदीप कौर ने कहा-
” संगठन के नेताओं के साथ पिछले एक सप्ताह से बातचीत चल रही थी, लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ गए। कुछ लोग हथियार लेकर आए थे। हम नहीं चाहते थे कि माहौल खराब हो। इनके हाथियारों से जवान घायल तक हुए हैं।
SSP ने बताया कि प्रदर्शनकारियों पर धारा 163 के उल्लंघन के मामले में बीएनएस की धारा 173 (1) के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। वीडियो फुटेज के आधार पर पुलिस चेहरों की पहचान कर रही है।
अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के प्रदर्शन को लेकर चंडीगढ़ का सुरक्षा चक्र कैसे टूटा
