Weather Update: हरियाणा में मार्च में ही जून जैसी गर्मी, पारा 35 पार, 19 मार्च के बाद बदल सकता है मौसम…
हरियाणा में मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने तेज तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. प्रदेश के अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जो सामान्य से काफी ज्यादा है. मौसम विभाग के मुताबिक रविवार को प्रदेश में सबसे अधिक तापमान हिसार में 37.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 8.8 डिग्री अधिक है. वहीं यमुनानगर में न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 7.5 डिग्री ज्यादा रहा. मार्च के पहले हफ्ते में ही इस तरह की गर्मी ने लोगों को हैरान कर दिया है.
दिन-रात दोनों समय बढ़ा तापमान: मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस समय हरियाणा में दिन और रात दोनों का तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है. इसका कारण वातावरण में लगातार गर्म हवा का प्रभाव और मौसम प्रणाली में बदलाव माना जा रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं रहेगा. बीच-बीच में बादलों की आवाजाही भी देखने को मिल सकती है, जिससे तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव संभव है.
दो कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना: मौसम विभाग के अनुसार 11 मार्च और 14 मार्च के आसपास दो कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है. हालांकि इनका प्रभाव ज्यादा मजबूत नहीं होगा. विशेषज्ञों का कहना है कि इन पश्चिमी विक्षोभों का असर मुख्य रूप से उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों तक ही सीमित रहेगा. हरियाणा में इनके कारण केवल बादलों की आवाजाही और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है. फिलहाल प्रदेश में किसी बड़े वर्षा तंत्र की संभावना नहीं जताई गई है.
फसलों पर दिखने लगा मौसम का असर: पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार बढ़ोतरी का असर खेतों में खड़ी फसलों पर भी दिखाई देने लगा है. कई जगहों पर जिन फसलों को पकने में अभी 15 से 20 दिन का समय था, उनमें समय से पहले दानों में पकाव आने लगा है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार अगर तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो गेहूं और अन्य रबी फसलों की पैदावार पर असर पड़ सकता है. यह स्थिति किसानों के लिए चिंता का कारण बनती जा रही है.
किसानों को दी गई सतर्क रहने की सलाह: मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी फसलों की नियमित निगरानी करते रहें. बढ़ते तापमान के कारण खेतों में जरूरत के अनुसार हल्की सिंचाई करते रहना फायदेमंद रहेगा. साथ ही किसी भी समस्या की स्थिति में नजदीकी कृषि अधिकारियों से संपर्क करने की सलाह भी दी गई है. आम लोगों को भी दोपहर के समय तेज धूप से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है.
19 मार्च के बाद मौसम बदलने के संकेत: मौसम विभाग का अनुमान है कि मार्च के दूसरे पखवाड़े में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. करीब 19 मार्च के आसपास और उसके बाद मध्यम श्रेणी के पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकते हैं. इनके प्रभाव से हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है. यदि ऐसा होता है तो तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को बढ़ती गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है.
