Blinkit का यूनिफॉर्म और कंधे पर डिलीवरी बैग… घर-घर सामान पहुंचाने निकल पड़े राघव चड्ढा, शेयर किया VIDEO

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पंजाब से आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य राघव चड्डा ने गिग इकॉनमी से जुड़े डिलीवरी एजेंट्स की स्थिति को समझने के लिए एक अनोखी पहल की। उन्होंने एक दिन खुद ब्लिंकिट डिलीवरी एजेंट बनकर काम किया, ताकि जमीनी हकीकत को नजदीक से महसूस किया जा सके।

पीली यूनिफार्म पहनकर, पीठ पर डिलीवरी बैग लटकाए और मोबाइल ऐप के जरिए ऑर्डर स्वीकार करते हुए चड्डा एक राइडर के साथ स्कूटर पर सवार होकर डिलीवरी करने निकले।

ट्रैफिक, समय की पाबंदी, ऊंची इमारतों में फ्लैट ढूंढना, लिफ्ट का इंतजार और समय पर ऑर्डर पहुंचाने का दबाव, इन सभी अनुभवों को उन्होंने खुद जिया।

बाद में उन्होंने इसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर साझा किया और लिखा, बोर्डरूम से दूर, जमीनी हकीकत में। मैंने उनका एक दिन जिया।

इससे पहले चड्डा ने एक डिलीवरी एजेंट की कमाई का विवरण साझा किया था, जिसमें 15 घंटे की मेहनत के बाद सिर्फ 762 रुपये मिलने की बात सामने आई थी। इसी से उन्हें यह महसूस हुआ कि आंकड़ों से ज्यादा जरूरी है हालात को महसूस करना।

इसी क्रम में उन्होंने डिलीवरी एजेंट हिमांशु के साथ बैठकर लंबी बातचीत भी की। बातचीत में सामने आया कि लंबे काम के घंटे, मौसम की मार, सड़क दुर्घटनाओं का खतरा, आय की अनिश्चितता और सामाजिक सुरक्षा की कमी उनकी रोजमर्रा की चुनौतियां हैं। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह पहल विरोध नहीं बल्कि समझ का प्रयास है।

इसका उद्देश्य नीति निर्माण से पहले उन लोगों की वास्तविक स्थिति जानना है, जो डिजिटल सेवाओं की रीढ़ बने हुए हैं। चड्डा का कहना है कि गिग इकॉनमी का विस्तार तभी सार्थक होगा, जब उसमें काम करने वालों की गरिमा, सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित की जाएगी।

यह कदम दिखाता है कि जब जनप्रतिनिधि खुद जमीन पर उतरते हैं, तो समाधान ज्यादा संवेदनशील और व्यावहारिक बनते हैं।

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