पटना समेत देश के 60 स्टेशनों पर होने जा रहा यह काम, होली से पहले रेलवे ने कर दिया एक और बड़ा एलान
इसका मुख्य उद्देश्य है यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करना। इन स्टेशनों पर यात्रियों को तभी प्लेटफार्म पर जाने की अनुमति दी जाएगी, जब ट्रेन आएगी।
केवल कंफर्म आरक्षण वाले यात्रियों को सीधे प्लेटफार्म तक जाने की अनुमति दी जाएगी। बिना टिकट वाले यात्री या प्रतीक्षा सूची वाले यात्री वेटिंग एरिया में रुकेंगे। सभी अनाधिकृत प्रवेश द्वार सील किए जाएंगे।
भीड़ नियंत्रण में कैमरों ने काफी अहम भूमिका निभाई थी। इन सभी स्टेशनों पर आसपास के क्षेत्रों में कैमरे लगाए जाएंगे। बड़े स्टेशनों पर वार रूम विकसित किए जाएंगे।
इन स्टेशनों पर अत्याधुनिक डिजाइन वाले संचार उपकरण लगाये जाएंगे। सभी कर्मियों के बदल जाएंगे आइडी कार्ड।
केवल अधिकृत कर्मियों को ही स्टेशन में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।इसके अलावा सभी कर्मियों को नया डिजाइन यूनिफार्म दिए जाएंगे। इससे रेलकर्मियों को पहचानने में मदद मिलेगी।
- सभी प्रमुख स्टेशनों पर एक वरिष्ठ अधिकारी को निदेशक के रूप में तैनात किया जाएगा। सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी निदेशक को रिपोर्ट करेंगे।
- स्टेशन निदेशक स्टेशनों के सुधार के लिए आवश्यक कदम उठायेंगे। स्टेशन निदेशक स्टेशन की क्षमता के अनुसार टिकटों की बिक्री को नियंत्रित कर सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर रेलवे की ओर से छात्राओं को सम्मानित कर उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति प्रदान की गई। साथ ही स्वास्थ्य जांच हेतु चिकित्सा कैंप का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह एवं पूर्व मध्य रेलवे के महिला कल्याण संगठन के अध्यक्ष सुनिता सिंह ने समारोह का शुभारंभ किया।
मौके पर 446 छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए कल्याण निधि से 80.30 लाख रुपये की राशि वितरित की। इस अवसर पर महाप्रबंधक ने आधी आबादी के संघर्षों को याद करते हुए उनके विकास पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे में वर्तमान में एक लाख से अधिक महिलाएं कार्यरत हैं। वहीं, पांच हजार महिलाएं पूर्व मध्य रेलवे में अधिकारी, कर्मचारी, डाक्टर, पारा मेडिकल, स्टेशन मास्टर शामिल है।
मौके पर आयोजित चिकित्सा शिविर में डॉ. सुबोध कुमार मिश्र ने कहा कि महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की जरूरत है।
महिला स्वस्थ रहेगी तभी पूरा परिवार स्वस्थ रह सकता है। मौके पर 50 से अधिक महिला कर्मचारियों के स्वास्थ्य की जांच की गई।
