इकलौता बेटा, 10 दिन पहले हुई थी सगाई… शहीद पायलट के अंतिम दर्शन करने पहुंची मंगेतर, बोलीं- प्लीज एक बार शक्ल दिखा दो

गुजरात के जामनगर में एयरफोर्स के फाइटर प्लेन जगुआर क्रैश में हरियाणा के लाल की शहादत हुई है। जामनगर में 2 दिन पहले एयरफोर्स के जगुआर लड़ाकू विमान के क्रैश होने से शहीद हुए रेवाड़ी के फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव का आज सैन्य सम्मान के साथ उनके गांव भालकी माजरा में अंतिम संस्कार किया गया। उनके चचेरे भाई सुधीर यादव ने उन्हें मुखाग्नि दी।
अंतिम सफर पर निकले सिद्धार्थ यादव के दर्शन करने के लिए उनकी मंगेतर सानिया भी गांव भालकी माजरा पहुंची। वह बार-बार गुजारिश करती रही कि अंतिम बार उसे सिद्धार्थ का चेहरा दिखा दो। सिद्धार्थ यादव की 23 मार्च को ही सगाई हुई थी। सिद्धार्थ के अंतिम संस्कार में आसपास के गांव के सैकड़ों लोग पहुंचे। इस दौरान भारत माता की जय और सिद्धार्थ यादव अमर रहे, जैसे नारे खूब गूंजे। अपने अंतिम सफर पर निकले सिद्धार्थ यादव की पार्थिव देह को देखकर हर किसी की आंखों में आंसू छलक उठे।
आपको बता दें कि सिद्धार्थ यादव अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। सिद्धार्थ की 23 मार्च को ही सगाई हुई थी और 31 मार्च को वह अपनी छुट्टी पूरी कर वापस ड्यूटी पर गुजरात पहुंचा था। इसी साल दो नवंबर को उनकी शादी तय हुई थी। परिवार में अभी उनकी शादी की तैयारियां चल ही रही थी कि 2 मार्च को गुजरात के जामनगर में एयरफोर्स के जगुआर लड़ाकू विमान के क्रैश होने से वह शहीद हो गए। सिद्धार्थ की शहादत से परिवार की खुशियां मातम में बदल गई। सिद्धार्थ की शहादत के बारे में जैसे ही ग्रामीणों को सूचना मिली तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।