फ्लैट में आग से धूं-धूं कर जला मकान, देखते ही देखते सारा सामान जलकर राख
फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-77 स्थित बीपीटीपी प्राइड सोसायटी में मंगलवार सुबह एक फ्लैट में आग लग गई। भूतल पर बने फ्लैट में लगी आग ने दूसरे तल और तीसरे तल पर बने फ्लैट को भी अपनी चपेट में ले लिया। थोड़ी देर में ही आग ने इतना भयंकर रूप ले लिया कि भूतल पर बने फ्लैट में सारा सामान जल गया।
मौके पर स्थानीय लोगों और सोसायटी के कर्मचारियों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया लेकिन असफल रहे। दमकल विभाग की गाड़ी आई तो सही लेकिन तब तक सब कुछ जल हो चुका था।
सोसायटीवासियों का आरोप है कि यहां रखे हुए आग बुझाने वाले सिलिंडर एक्सपायरी डेट के थे जो सही काम नहीं कर सके। आग का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। पीड़ित परिवार ने इस मामले की शिकायत थाना बीपीटीपी में दी है।
सोसायटी के पीए ब्लॉक के फ्लैट नंबर 193 में साैरभ सिंह अपनी पत्नी चंचल, बेटा-बेटी व माता मीरा देवी के साथ पांच साल से रह रहे हैं। वह अौर उनकी पत्नी गुरुग्राम की मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते हैं। इनके ऊपर वाले फ्लैट में सोसायटी के मैनटेनेंस स्टाफ वालों ने अपना आफिस बनाया हुआ है।
इसके ऊपर एडवोकेट मोनिका परिवार सहित रहती हैं। सौरभ ने पत्नी, बेटा-बेटी के संग बद्रीनाथ जाने का प्लान बनाया था। मंगलवार सुबह सभी वहां जाने के लिए घर से निकल गए। फ्लैट में उनकी माता मीरा देवी थी। अचानक फ्लैट के एक कमरे में आग लग गई।
आग का धुंआ तीसरे फ्लोर तक पहुंचा तो वह नीचे आए। मीरा देवी को बाहर निकाला गया। मैनटेनेंस स्टाफ के कर्मचारी आग बुझाने वाले सिलिंडर लेकर दौड़े लेकिन बात नहीं बनी। आग लगते ही सोसायटीवासी बाहर आ गए लेकिन कुछ कर नहीं सके। एक के बाद एक दो दमकल विभाग की गाड़ियां आई और आग पर काबू पाया।
आग लगने की सूचना मिलने पर सौरभ करीब आधा घंटे में ही वापस आ गए। अभी वह जिले से बाहर ही नहीं जा सके थे। फ्लैट की हालत देख वह रो पड़ी। बिलखते हुए बोली कि मेरा आशियाना ही नहीं अंदर सारा सामान जल गया है।
आग इतनी भयंकर थी कि लोहे की अलमारी तक गल गई। इनके अंदर रखा पैसा, ज्वैलरी व अन्य सारा सामान जल गया। घर में चार एसी, दो फ्रीज, वाशिंग मशीन, दो एलईडी टीवी सहित एक भी सामान ऐसा नहीं बचा जो ठीक हो। फ्लैट की दीवार व लिंटर को भी काफी नुकसान हुआ है।
सोसायटी में रहने वाले अशोक खुराना, मनोज कुमार, अशोक, दीपक कुमार, एमपी सिंह, चंदन ने बताया कि यहां जान से खिलवाड़ हो रहा है। सोसायटी में अडानी की पाइप लाइन के नीचे बिजली की लाइन और इसके नीचे पानी की लाइन है।
अडानी की गैस लाइन के बीच में कोई ऑटो कट वाल्व नहीं है जो गैस लीक के बाद अपने आप बंद हो सके। कई बार इस मामले की शिकायत यहां के एस्टेट मैनेजर रमेश मलिक से की जा चुकी है।
यहां बाउंसर तैनात रहते हैं जो किसी काम का विरोध नहीं करने देते। उन्होंने कहा कि यहां और बड़ा नुकसान हो सकता था। इसलिए अब बिल्डर को इस घटना से सबक लेते हुए पर्याप्त कदम उठाने चाहिए।
हैरत की बात है कि रिहायशी सोसायटी में एक्सपायरी डेट के आग बुझाने वाले सिलिंडर रखे हुए हैं। कुछ सिलिंडर फरवरी में तो कुछ मई में एक्सपायर हो चुके थे। लेकिन यहां का स्टाफ जुलाई में भी इन पर साइन कर रहा था। यदि सभी ठीक होते और आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम होते तो इतना बड़ा नुकसान नहीं होता।
