कैथल में रजिस्ट्री के नाम पर रिश्वत मांगने वाला तहसीलदार गिरफ्तार, विजिलेंस ने अंबाला से दबोचा
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को फरार चल रहे गुहला के तहसीलदार मंजीत मलिक को गिरफ्तार कर लिया। वह रजिस्ट्री के नाम पर रिश्वत मांगने के मामले में फरार चल रहा था। इससे पहले इस मामले में एक रजिस्ट्री क्लर्क को 18 फरवरी 2025 को रंगेहाथ रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। उसी दिन से उक्त तहसीलदार फरार चल रहा था।
कुछ दिन पहले ही सरकार ने तहसीलदारों की तबादला सूची जारी की थी जिसमें इसका भी नाम शामिल किया गया था हालांकि अगले ही दिन इसको सस्पेंड कर दिया गया था। वर्तमान में वह गुहला का तहसीलदार नहीं था।
बता दें कि शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो अंबाला को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि उसने अमर सिटी कालोनी, चीका (कैथल) में 151 गज का प्लाट खरीदा था। वह इस प्लाट की रजिस्ट्री अपनी भाभी के नाम करवाना चाहता था। इस संबंध में उसने तत्कालीन तहसीलदार मंजीत मलिक से संपर्क किया, जिसने उसे रजिस्ट्री क्लर्क प्रदीप कुमार से मिलने को कहा।
जब वह क्लर्क से मिला, तो उसने रजिस्ट्री के एवज में 10 हजार की रिश्वत मांगी। टीम ने शिकायत की पुष्टि के बाद आरोपित प्रदीप कुमार को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। क्लर्क के खिलाफ चार्जशीट एक जुलाई 2025 को कैथल की अदालत में पेश की जा चुकी है।
जांच दौरान तहसीलदार मंजीत मलिक की भूमिका भी सामने आई, लेकिन वह फरार हो गया था। अब टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। अंबाला डीएसपी मुकेश ने बताया कि शनिवार को आरोपित को अदालत में पेश किया जाएगा।
