शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल गुरुवार को पंजाब पुलिस मुख्यालय में डीजीपी गाैरव यादव से मिलने पहुंचे। श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 स्वरूपों के लापता होने के मामले में पुलिस सुखबीर बादल के सीए सतविंदर सिंह कोहली को दोबारा प्रोडक्शन वारंट पर लेना चाहती है।
सुखबीर बादल का कहना है कि इस मामले को आम आदमी सरकार राजनीतिक रंजिश के तहत आगे बढ़ा रही है। बादल ने डीजीपी से कहा कि इस मामले में निष्पक्षता से जांच की जाए। सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि जब तक केस दर्ज नहीं होता, हम यहां से नहीं जाएंगे। पुलिस महानिदेशक कार्यालय पर पक्का धरना दिया गया।
वहीं सुखबीर ने डीजीपी से कहा कि परिवार वालों को परेशान मत करो, मैं खुद अपनी गिरफ्तारी देने आया हूं। आप सरकार 328 स्वरूपों के मामले में एसआईटी बनाकर मेरे पर्सनल बिजनेस की जांच करके झूठा केस दर्ज करने की कोशिश कर रही है। यह पुलिस टीम मेरे सहयोगियों और उनके परिवारों को परेशान कर रही है जबकि इनका शिरोमणि कमेटी से कोई लेना-देना नहीं है। मैं खुद को गिरफ्तार करने, मेरे खिलाफ केस दर्ज करने और जांच करने आया हूं। आप सरकार मेरे साथ कुछ भी करे, किसी को परेशान न करे।
सुखबीर बादल ने कहा कि इस केस के बहाने एसआईटी कई अकाली नेताओं की रेकी कर रही है, उन्हें और उनके परिजनों को बिना वजह परेशान किया जा रहा है। इसलिए मैं आज खुद आपके कार्यालय पहुंचा हूं, जो कुछ पूछताछ करनी है मैं आपके सामने बैठा हूं, जिस मामले में जानकारी लेनी है मुझसे ले ली जाए। जो पूछताछ करनी है, मुझसे कर ली जाए और मेरे खिलाफ केस भी दर्ज कर लिया जाए लेकिन मेरे साथियों को इस तरह रंजिशन तंग न किया जाए। सुखबीर बादल ने कहा कि मेरे कारोबार में कोई गड़बड़ी नहीं है फिर भी चाहे तो सरकार तसल्ली कर ले।
अकाली नेता हरविंदर सिंह खेड़ा ने कहा कि अकाली कार्यकर्ताओं को आशंका है कि इस मामले में सुखबीर सिंह बादल समेत कुछ अन्य अकाली नेताओं के खिलाफ भी पुलिस एफआईआर दर्ज कर सकती है। उन्होंने कहा कि अकाली नेता सरकार के टारगेट पर हैं।