सारांश टंडन बने चंडीगढ़ क्रिकेट एसोसिएशन के नए अध्यक्ष, तीन साल के लिए संभाली कमान
चंडीगढ़: यूनियन टेरिटरी क्रिकेट एसोसिएशन (यूटीसीए) की 45वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) रविवार को होटल हयात रीजेंसी में आयोजित हुई, जिसमें सारांश टंडन को सर्वसम्मति से एसोसिएशन का नया अध्यक्ष चुना गया। उनका कार्यकाल तीन वर्ष (2025–26, 2026–27 और 2027–28) का रहेगा। सारांश टंडन नवनियुक्त प्रेसिडेंट संजय टंडन के बड़े बेटे हैं, जिन्होंने तीन कार्यकाल तक यह जिम्मेदारी संभाली, जिनमें दो कार्यकाल 2019 में बीसीसीआई से संबद्धता मिलने के बाद के रहे। चुनाव पर्यवेक्षक मनिंदर सिंह बैंस (आईएएस) की देखरेख में यह प्रक्रिया पूरी हुई। टंडन के अलावा अध्यक्ष पद के लिए कोई अन्य नामांकन प्राप्त नहीं हुआ था। इसी के साथ हरि सिंह खुराना (सेक्रेटरी), संजय डेनियल बनर्जी (वाइस प्रेसिडेंट), राहुल तलवार (जॉइंट सेक्रेटरी) और आलोक कृष्ण (ट्रेज़रर) को नई पांच सदस्यीय कार्यकारिणी में शामिल किया गया। वहीं, विनय ग्रोवर को निर्विरोध एपेक्स काउंसिल सदस्य चुना गया, जबकि पवन कुमार मुटनेजा और रविंदर सिंह को गवर्नर काउंसिल (सीपीएल) में स्थान मिला।
महिला क्रिकेट के क्षेत्र में मजबूती लाने के उद्देश्य से प्रो. (डा.) नीरू मलिक, रवि कांत शर्मा और अभिमन्यु जी को विमेंस प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, पूर्व रणजी खिलाड़ी राकेश जॉली को क्रिकेट सलाहकार समिति का अध्यक्ष और जस्टिस राज मोहन सिंह को लोकपाल (ओम्बुड्समैन) नियुक्त किया गया है। एसोसिएशन के ऑडिटर के रूप में मेहन् एसोसिएट्स को चुना गया। पूर्व सचिव देविंदर शर्मा ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि खिलाड़ियों का पंजीकरण 2023–24 में 1,400 से बढ़कर 2024–25 में 2,820 और वर्तमान सत्र में 2,419 तक पहुंच गया है। यूटीसीए ने इस दौरान 59 बीसीसीआई मैचों की मेजबानी की, जिनमें रणजी ट्रॉफी भी शामिल है। चंडीगढ़ की सीनियर टीम ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के नॉकआउट में प्रवेश किया, जबकि रणजी टीम ने सात में से चार मैच जीते, जो उसके समूह में सर्वाधिक रहे।
कश्वी गौतम, संदीप शर्मा, राज अंगद बावा और निखिल कुमार जैसे खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल की — जिनमें से दो ने आईपीएल, एक ने डब्ल्यूपीएल और एक ने भारत अंडर-19 एशिया कप में भाग लिया। नवनियुक्त अध्यक्ष सारांश टंडन ने सदस्यों का आभार जताते हुए कहा कि उनका लक्ष्य यूटीसीए को और अधिक पारदर्शी, आधुनिक और खिलाड़ियों के हितों के अनुरूप बनाना है। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन ग्रासरूट विकास, खिलाड़ी कल्याण और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं पर विशेष ध्यान देगा तथा बीसीसीआई के साथ मिलकर चंडीगढ़ को क्रिकेट का मजबूत केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से काम करेगा। अंत में ट्रेज़रर आलोक कृष्ण ने लेखा-जोखा प्रस्तुत किया, जबकि सारांश टंडन ने सदस्यों से सुझाव आमंत्रित किए कि एसोसिएशन को और अधिक प्रभावी कैसे बनाया जा सकता है।
संजय टंडन ने ‘गली क्रिकेट’ टूर्नामेंट को नशामुक्ति में सफल पहल बताया
बैठक में निवर्तमान अध्यक्ष संजय टंडन ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि बीसीसीआई ने चंडीगढ़ में 20 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक इंडोर क्रिकेट सुविधा स्थापित करने की स्वीकृति दी है। इसके अलावा, बीसीसीआई ने 3 करोड़ रुपये मूल्य के क्रिकेट उपकरण भी उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने बताया कि यूटीसीए ने पंजाब यूनिवर्सिटी के साथ समझौता किया है ताकि वहां की सुविधाओं का उपयोग बीसीसीआई टूर्नामेंट्स के लिए किया जा सके। संजय टंडन ने बताया कि एसोसिएशन ने महिला क्रिकेट को सशक्त बनाने, दिव्यांग क्रिकेट को बढ़ावा देने और एंटी-करप्शन यूनिट को सुदृढ़ करने की दिशा में अहम कदम उठाए हैं। उन्होंने ‘गली क्रिकेट’ कार्यक्रम को युवाओं में नशामुक्ति और खेल संस्कृति बढ़ाने की दिशा में सफल पहल बताया।
