हरियाणा में किरायेदारों को राहत: मकान मालिक की प्रॉपर्टी आईडी से बनेगा परिवार पहचान पत्र, सरकार ने दी जानकारी
हरियाणा के शहरों में खुद का मकान-प्लॉट नहीं होने के कारण परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) नहीं बनवा पा रहे लोगों को प्रदेश सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब किराये पर रह रहे लोग अपने मकान मालिक की प्रॉपर्टी आईडी देकर परिवार पहचान पत्र बनवा सकेंगे। दरअसल, शहरी क्षेत्रों में पीपीपी बनवाने के लिए संपत्ति पहचान पत्र अनिवार्य है।
हरियाणा विधानसभा में गुरुवार को प्रश्नकाल में पानीपत के विधायक प्रमोद विज ने शहरी क्षेत्रों में परिवार पहचान पत्र की अनिवार्यता पर सवाल उठाते हुए सरकार से पूछा कि जिन किराएदारों के पास अपनी संपत्ति नहीं है, वह किस तरीके से पहचान पत्र बनवा सकते हैं। इसके जवाब में मुख्यमंत्री की तरफ से कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि किराएदार अपने मालिक की सहमति के साथ प्रापर्टी आईडी भरकर पहचान पत्र बनवा सकते हैं।
शहरी क्षेत्रों में आवेदक परिवारों के आवासीय पते के उचित सत्यापन और प्रमाणीकरण को सुनिश्चित करने के लिए प्रापर्टी आईडी को अनिवार्य किया गया है। कोई व्यक्ति किराएदार है या उसके नाम पर कोई संपत्ति नहीं है तो वह परिवार पहचान पत्र के संबंधित विकल्प का चयन कर सकता है। संबंधित व्यक्ति जिस परिसर में रहता है, वह उसकी सहमति के साथ प्रॉपर्टी आईडी दर्ज कर सकता है। इसी के आधार पर उचित सत्यापन किया जाएगा।
विज ने पूरक सवाल उठाते हुए कहा कि किराएदारों के पास कोई संपत्ति नहीं है और वह सरकार की योजना के लाभ के दायरे में आता है, लेकिन मकान मालिक के पास संपत्ति है और वह सरकारी योजना के लाभ के दायरे से बाहर है तो ऐसे में उसे लाभ देने को लेकर क्या योजना है।कृष्ण बेदी ने कहा कि इस तरह का मामला अभी तक सरकार के सामने नहीं आया है। आज विधानसभा में यह मुद्दा आने के बाद इस पर विचार करते हुए सरकार जल्द ही कोई बीच का रास्ता निकालेगी।
