संसद भवन में केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू ने राहुल गांधी से हाथ नहीं मिलाया। दोनों नेताओं के बीच तल्खी बढ़ गई है। राहुल गांधी ने बिट्टू को गद्दार कह दिया और बोले कि तुम वापस (कांग्रेस में) जरूर आओगे। बिट्टू ने कहा, आप देश के हित में काम नहीं कर रहे हैं। इसके बाद रवनीत बिट्टू ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि आखिर क्यों उन्होंने राहुल गांधी के साथ हाथ नहीं मिलाया।
बिट्टू ने कहा कि जब में पार्टी (कांग्रेस) में था तो तब भी राहुल गांधी समझते थे कि वह ही सबसे बड़े देशभक्त हैं। क्योंकि उनके पिता ने शहादत दी है। तब भी मेरी पार्टी में यही लड़ाई थी कि मेरे दादा सरदार बेअंत सिंह ने भी शहादत दी है। कांग्रेस को इसी बात से परेशानी है कि सरदार बेअंत सिंह को भी शहीद कहा जाता है।
बिट्टू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार ने ही पंजाब में (1984 के दंगे) आग लगाई थी। हजारों सिखों को निशाना बनाया गया। गोल्डन टेंपल में गुरु ग्रंथ साहिब जी के अंगों पर गोलियां चली। हमारी बहनों-माताओं का मर्डर तक करवाया गया। गांधी परिवार सिखों का कातिल है।
बिट्टू ने कहा जब तक मैं आपके साथ (कांग्रेस पार्टी में) था तब तक मैं ठीक था, अब मैं भाजपा में हूं तो आप मुझे गद्दार कह रहे हैं। राहुल गांधी ने हाथ ऐसे आगे किया जैसे कोई राजा या शहंशाह हो। वो खुद को इस देश के मालिक समझते हैं। जब उन्होंने हाथ मिलाने के लिए आगे बढ़ाया तो मैंने कह दिया कि आप भी गद्दार हो और देश के दुश्मन हो। आप देश के खिलाफ और सेना के खिलाफ बात करते हो। सिखों के कातिल और हमारे गुरुद्वारों पर हमला कराने वाले गांधी परिवार के वारिस के साथ ये सरदार हाथ नहीं मिलाएगा।