‘राघव चड्ढा को दिल्ली में मुर्गा बनाकर पीटा गया…’; AAP के पूर्व नेता नवीन जयहिंद का सनसनीखेज दावा
आम आदमी पार्टी के नेताओं और पार्टी सांसद राघव चड्ढा के बीच चल रही तनातनी में एक नया नया मोड़ आ गया है। AAP हरियाणा के पूर्व नेता नवीन जयहिंद ने चड्ढा को दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल का “राजदार” बताते हुए सनसनीखेज आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि राघव चड्ढा को केजरीवाल के सरकारी आवास पर बुलाकर उन्हें कथित तौर पर मुर्गा बनाकर पीटा गया। उन्होंने जोर यह भी दावा किया कि यह पूरा विवाद उस पैसे को लेकर है जिसे दिल्ली और पंजाब से “जबरदस्ती वसूला” गया था।
शनिवार (4 मार्च) को न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए जयहिंद ने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा ने दिल्ली और पंजाब से कथित तौर पर वसूली का पैसा इकट्ठा किया, जिसे बाद में वह लंदन ले गए। जबकि पहले इसे सिंगापुर ले जाने की योजना थी। AAP के पूर्व नेता ने यह भी आरोप लगाया कि इन सभी घटनाक्रमों के बाद चड्ढा की पहले नई दिल्ली में और फिर बाद में चंडीगढ़ के एक “गुपचुप बंगले” में कथित तौर पर पिटाई की गई थी।
नवीन जयहिंद ने इसमें केजरीवाल को भी लपेटते हुए करप्शन और पैसे के कथित लेन देन से भी जोड़ दिया। हालांकि, ANI ने बाद में इस पोस्ट को X से डिलीट कर दिया। यह पूरा विवाद इस हफ्ते की शुरुआत में राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के उप-नेता पद से राघव चड्ढा को हटाए जाने के बाद शुरू हुआ। इसके बाद AAP सांसद ने पार्टी नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए उन पर उनकी आवाज दबाने का आरोप लगाया।
फिल्म ‘धुरंधर’ के एक डायलॉग का सहारा लेते हुए चड्ढा ने एक वीडियो संदेश में कहा, “हर झूठ का पर्दाफाश होगा। क्योंकि मैं घायल हूं इसलिए घातक हूं।” चड्ढा की यह प्रतिक्रिया आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा किए गए तीखे हमले के एक दिन बाद आई है। इसमें उन पर प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार के खिलाफ संसद में आवाज उठाने से कतराने का आरोप लगाया गया था।
राज्यसभा में AAP के उपनेता पद से हटाए जाने के एक दिन बाद चड्ढा ने शुक्रवार को कहा था कि मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना। चड्ढा ने इस आरोप को सरासर झूठ बताया कि उन्होंने विपक्षी दलों के साथ वॉकआउट नहीं किया। उन्होंने अपने आलोचकों को चुनौती दी कि वे एक भी ऐसा उदाहरण पेश करें जहां उन्होंने वॉकआउट में भाग नहीं लिया हो।
मुख्य चुनाव आयुक्त से संबंधित प्रस्ताव पर सिग्नेचर करने से इनकार करने के एक अन्य आरोप का खंडन करते हुए चड्ढा ने कहा कि किसी भी पार्टी नेता ने औपचारिक या अनौपचारिक रूप से उनसे इस पर हस्ताक्षर करने के लिए नहीं कहा था। चड्ढा ने कहा कि उनकी पार्टी के कई अन्य सांसदों ने भी इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए थे। उन्होंने कहा कि वह जवाब नहीं देना चाहते, लेकिन अगर झूठ को लगातार दोहराया जाए तो वो भी सच लगने लगता है।
उन्होंने कहा कि संसद में उनका ध्यान जीएसटी, आयकर, दिल्ली में वायु प्रदूषण, पंजाब में जल संबंधी समस्याएं, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, रेल यात्री मुद्दे, बेरोजगारी और महंगाई जैसे सार्वजनिक मुद्दों को उठाने पर रहा है। चड्ढा ने कहा कि वह संसद में हंगामा करने के लिए नहीं। बल्कि जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि संसद करदाताओं के पैसे से चलती है। लोगों की चिंताओं को उजागर करना उनकी जिम्मेदारी है।
