विदेश से लौटते ही PM मोदी ने CM मान से की बात, हर संभव मदद का दिया आश्वासन

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लुधियाना। राज्य में बाढ़ के बिगड़ते हालात से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी चिंतित हैं। यही कारण है कि विदेश से नई दिल्ली लौटते ही उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से फोन पर बातचीत कर राज्य में बाढ़ के हालात की जानकारी ली।

इसके साथ ही उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव मदद देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री के फोन से पहले गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री और राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से फोन पर बात कर वहां के हालात की जानकारी ली थी।

उधर, राज्य में स्थित भाखड़ा, पौंग और रणजीत सागर बांध के लगातार बढ़ते जलस्तर के चलते बीबीएमबी के अलावा अब सेना ने भी इन पर नजर रखनी शुरू कर दी है। भारतीय सेना की पश्चिमी कमान के अधिकारियों ने यह जानकारी सोमवार को पंचकूला स्थित चंडीमंदिर मुख्यालय में दी।

 

इसी बीच तीनों बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण पहले जहां रावी और ब्यास दरिया ही राज्य के आठ जिलों में तबाही मचा रहे थे, वहीं अब राज्य से गुजरते सतलुज दरिया भी उफान पर पहुंच गया है।

 

लुधियाना ने सतलुज का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है। इससे सतलुज दरिया के किनारों में स्थित जिलों रूपननगर, नवांशहर, लुधियाना और जालंधर में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। जालंधर में पहली बार चिट्टी बेईं से पानी ग्रामीण इलाकों में प्रवेश करने लगा है। इसी तरह घग्गर दरिया का भी जलस्तर बढ़ने से पटियाला, संगरूर जिलों के लोग भी बाढ़ के खतरे से दहशत में हैं।

राज्य में आई बाढ़ का जायजा लेने के लिए देर रात को ही राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया फिरोजपुर पहुंच गए हैं। वे मंगलवार को जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों को दौरा करेंगे। इसके बाद वे अन्य बाढ़ प्रभावित जिलों का भी दौरा करेंगे। राज्य में 1, 300 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं। इनमें फिरोजपुर के करीब 107 गांव भी शामिल हैं।

फिरोजपुर के 12 गांवों में आठ से नौ फीट तक पानी भरा हुआ है और यहां पानी लगातार बढ़ रहा है। अन्य गांवों में छह से सात फीट तक पानी भरा हुआ है। ऐसे ही हालात फाजिल्का और कपूरथला जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का है। पठानकोट, गुरदासपुर, तरनतारन, होशियारपुर और अमृतसर में हालात में कुछ सुधार हुआ है लेकिन यहां अब भी गांवों में तीन से चार फीट तक पानी भरा हुआ है।

राज्य में बाढ़ के बीच हो रही भारी वर्षा ने भी जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया है। लुधियाना में 1947 के बाद पहली बार एक ही दिन में 300 मीलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई है। इसी तरह राज्य के अन्य जिलों में भी भारी वर्षा हुई। मौसम विभाग ने मंगलवार को भी भारी वर्षा का रेड अलर्ट जारी किया है। राज्य में बाढ़ और वर्षा के कारण मरने वालों का आंकड़ा 29 पहुंच गया है। लुधियाना में बुड्ढा नाला के पास बनी दीवार गिरने से कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं।

राज्य में हो रही वर्षा के कारण राज्य सरकार ने तीन सितंबर तक कालेज भी बंद रखने की घोषणा की है। इससे पहले स्कूलों में ही तीन सितंबर तक छुट्टियों की घोषणा की गई थी। उधर, नंगल में तेज वर्षा के कारण भूस्खलन होने से नंगल डैम को जाने वाला मार्ग अवरुद्ध हो गया है।

सेना ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में पांच हजार लोगों की बचाई जान

भारतीय सेना की पश्चिमी कमान ने पंजाब, जम्मू और हिमाचल प्रदेश में बाढ़ प्रभावित इलाकों में बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाकर पांच हजार से अधिक नागरिकों की जान बचाई है।

यह जानकारी चंडीमंदिर (पंचकूला) स्थित पश्चिमी कमान मुख्यालय में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में मेजर जनरल पुनीत आहूजा और कर्नल इकबाल सिंह अरोड़ा ने दी।

उन्होंने कहा कि पंजाब के गुरदासपुर, पठानकोट, फाजिल्का, कपूरथला, तरनतारन, फिरोजपुर, होशियारपुर और अमृतसर सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।

पुनर्वास के लिए युद्धस्तर पर प्रयास करेंगे- केके यादव

जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव एवं राहत कार्यों में सहयोग के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा गठित हाई पावर कमेटी के सदस्य वरिष्ठ आइएएस अधिकारी कमल किशोर यादव, वरुण रूज्म और बसंत गर्ग अजनाला पहुंचे और राहत कार्यों में लगी टीमों के साथ बैठक की।

यादव ने कहा कि आपदा हमारी सोच से बड़ी थी, लेकिन समय पर टीमों के सक्रिय होने से बड़ी जनहानि टल गई है। उन्होंने कहा कि आपदा के बाद लोगों के पुनर्वास के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।

 

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